झारखंड फ्रेम्स फेस्ट् 2026: UMU ने मनाया फोटोग्राफी, रचनात्मकता और दृश्य कहानी कहने का उत्सव






रांची: विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के फैकल्ट्री ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन ने Canon के साथ साझेदारी में झारखंड फ्रेम्स फेस्ट 2026 का आयोजन किया। इस आयोजन में विद्यार्थियों, फोटोग्राफी के उत्साही लोगों और पेशेवरों ने भाग लिया और फोटोग्राफी, रचनात्मकता तथा दृश्य कहानी कहने की कला का उत्सव मनाया।


कार्यक्रम का आयोजन उषा मार्टिन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. राजनी कांत और कुलसचिव डॉ. शिव प्रताप वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।
फेस्टिवल में फोटोग्राफी प्रदर्शनी, विशेषज्ञ मास्ट्रव्लास, फोटोग्राफी वॉक, लाइव Canon प्रतियोगिता, Canon Experience और “Five Frames, One Jharkhand Story” फोटो चैलेंज जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “Photography Beyond the Camera: Art, Ethics & Visual Storytelling” विषय पर आयोजित मास्त्रक्लास रहा, जिसे पेशेवर फोटोग्राफर नयन शौर्य ने संचालित किया। प्रतिभागियों ने Canon के सुभोजित बराल के नेतृत्व में फोटोग्राफी वॉक में भी भाग लिया। इसके साथ ही लाइव प्रतियोगिता और इंटरैक्टिव Canon Experience के माध्यम से प्रतिभागियों को Canon के उपकरणों को करीब से समझने और उनका प्रयोग करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं की घोषणा की गई। UMU के उज्ज्चल करण ने Best Mobile Photography का पुरस्कार जीता। UMU के विशाल भारद्वाज को People’s Choice Award से सम्मानित किया गया। आर्य विद्यापीठ कॉलेज, गुवाहाटी के मृण्मय राभा को Best Emerging Photographer तथा UMU के सत्यम मेहता को Best Photographer का पुरस्कार मिला। पुरस्कार उषा मार्टिन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. राजनी कांत ने प्रदान किए। उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई दी और विद्यार्थियों तथा आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
Canon की ओर से आयोजन स्थल पर फोटो स्टोरी चैलेंज भी आयोजित किया गया, जिसमें फैकल्ट्री ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के तीन विद्यार्थियों ने Canon की ओर से उपहार जीते।
झारखंड फ्रेम्स फेस्ट् 2026 ने प्रतिभागियों को पेशेवर फोटोग्राफरों से सीखने, फोटोग्राफी के साथ प्रयोग करने और अपनी रचनात्मक दृष्टि को प्रस्तुत करने का अवसर दिया। इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों ने झारखंड की संस्कृति, लोगों और प्राकृतिक दृश्यों को अपने कैमरे के माध्यम से देखने और उनकी कहानियों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया।


