बालू के काले कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों का बिगुल, नदी घाट पर बनेगा पर्यावरण रक्षा दल

Advertisements
Advertisements
Advertisements

इचागढ़। सरायकेला-खरसावां जिले के इचागढ़ थाना क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी से अवैध बालू उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सड़क पर आ गया है। इचागढ़, सोनो समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने आदित्यपुर निवासी विवेक झा उर्फ छोटू झा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उसके नेतृत्व में बालू का सिंडिकेट संचालित किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि एनजीटी के प्रतिबंध और बरसात के मौसम के बावजूद सोनो क्षेत्र के नदी घाट से शाम करीब छह बजे से सुबह तक बड़े पैमाने पर बालू उठाव का खेल चलता है। ग्रामीणों के अनुसार नदी से निकाला गया बालू लाइसेंसी स्टॉक यार्ड तक पहुंचाया जाता है और वहां से आदित्यपुर-जमशेदपुर क्षेत्र में इसकी आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि यह सब खुलेआम हो रहा है तो खनन विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी आखिर कहां है?

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

गग्रामीणों का स्पष्ट निर्णय नदी से नहीं उठने देंगे बालू

इचागढ़ क्षेत्र में ग्रामीणों ने स्पष्ट निर्णय लिया कि किसी भी कीमत पर गांव की नदी से अवैध बालू उठाव नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन की जानकारी लगातार पुलिस प्रशासन को दी गयी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक रोजाना सैकड़ों हाईवा नदी से बालू उठाकर ले जा रहे हैं। उनका आरोप है कि जब वे इसका विरोध करते हैं तो बालू कारोबार से जुड़े छोटू झा के कुछ चमचे उन्हें धमकी देते हैं। इसके कारोबार को संरक्षित करने के काम में जुटा अभिषेक भारती खबर चलाकर ग्रामीणों को डराता है। बालू माफिया छोटू झा ग्रामीणों को खुलेआम कह रहा है की उसे पुलिस प्रशासन का डर नहीं है। सब को मैनेज कर रखा है।

See also  रांची विवि का बड़ा फैसला, अब शोध करने वालों को मिलेगी फेलोशिप और आर्थिक मदद

बालू उठाव से सड़के हो रही जर्जर, आवागमन ठप

ग्रामीणों ने अवैध बालू उठाव से होने वाले नुकसान का गंभीर आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि ओवर लोडिंग बालू की हाइवा चलने के कारण सड़के टूट गई है। जिसके कारण ग्रामीणों के वाहन जोखिम में चल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड बालू लदे हाईवा की लगातार आवाजाही से इलाके की सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार और प्रशासन पर्यावरण संरक्षण की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ नदी की धारा और प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचाने वाला अवैध बालू खनन कैसे जारी है, यह बड़ा सवाल है।

अब ग्रामीण बनाएंगे पर्यावरण रक्षा दल

ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि यदि प्रशासन ने कथित अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक नहीं लगायी तो गांव स्तर पर ‘पर्यावरण रक्षा दल’ का गठन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे और नदी, नाला, पुल तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से मोर्चा संभालेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर नदी का अवैध दोहन नहीं होने देंगे।

मीडिया में खबर आने के बाद है हड़कंप का माहौल

इचागढ़ क्षेत्र मे अवैध बालू उत्खनन को लेकर पूर्व में विभिन्न मीडिया संस्थानों में खबरें प्रकाशित की है। ग्रामीणों का कहना है कि खबरें सामने आने के बाद भी बालू कारोबार पर रोक नहीं लगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले को लेकर कुछ पत्रकारों को कानूनी नोटिस भेजकर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। वहीं ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यूट्यूबर अभिषेक भारती द्वारा बालू कारोबार से जुड़े लोगों के पक्ष में पत्रकारों को निशाना बनाया गया।

See also  BCA डिग्री पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, विज्ञान स्ट्रीम में मान्य; JSSC को नियुक्ति पर विचार का आदेश

ग्रामीणों का सीधा सवाल, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस से सवाल किया है कि यदि नदी घाटों से कथित रूप से रातभर बालू का उठाव हो रहा है, इस मार्ग से आवाजाही हो रही है और बालू स्टॉक यार्ड तक पहुंच रहा है, तो जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है?

ग्रामीणों का कहना है कि अब मामला सिर्फ बालू का नहीं, बल्कि नदी, पर्यावरण, पुल, सड़क और ग्रामीणों के भविष्य का है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच, नदी घाटों की निगरानी और कथित अवैध खनन-परिवहन पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा की अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और तेज होगा।

About The Author

You may have missed