नीट प्रदर्शन हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, आयोजकों की जवाबदेही वाली याचिका पर सुनवाई को मंजूरी



नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने 3 अगस्त को 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित ‘संसद चलो’ अभियान के दौरान हुई हिंसा में आयोजकों की जवाबदेही तय करने संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी। यह याचिका भारतीय वायुसेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी की ओर से दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की पीठ के समक्ष अधिवक्ता रिजवान अहमद ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि आयोजक हालात शांत करने के बजाय लगातार भड़काऊ बयान देते रहे।याचिका में 20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज करने के लिए पूरे देश में एक समान नीति लागू करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में एफआईआर दर्ज करने और उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया अलग होने से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी है। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वाले नाबालिगों और युवाओं के मामलों में भी समान नीति बनाने का आग्रह किया गया है। याचिका में सुझाव दिया गया है कि ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के बजाय कम से कम सात दिन की कम्युनिटी सर्विस कराई जाए, ताकि सुधार को बढ़ावा मिले और समाज में कड़वाहट न बढ़े।




