गर्भ में ही गंभीर बीमारियों की होगी पहचान, स्वास्थ्य सेवा में रचा नया इतिहास
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रांची : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ने झारखंड में पहली बार प्रसवपूर्व आनुवंशिक (प्रीनेटल जेनेटिक) जांच सुविधा शुरू की है। इस अत्याधुनिक जांच के माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु में आनुवंशिक और जन्मजात बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा, जिससे डॉक्टरों को बेहतर इलाज और उचित चिकित्सकीय निर्णय लेने में मदद मिलेगी।विशेषज्ञों के अनुसार यह सुविधा राज्य के मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, क्योंकि अब ऐसी जांच के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। रिम्स में शुरू हुई यह सेवा गर्भस्थ शिशु में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया समेत अन्य आनुवंशिक विकारों की समय पर पहचान और उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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