एसबीआई एटीएम सुरक्षा गार्डों की नौकरी बचाने की मांग, प्रतिनिधिमंडल ने बन्ना गुप्ता से लगाई गुहार

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जमशेदपुर : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के विभिन्न एटीएम केंद्रों पर वर्षों से सुरक्षा सेवाएं दे रहे सुरक्षा गार्डों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एटीएम सुरक्षा गार्डों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

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प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से बैंक के विभिन्न एटीएम केंद्रों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे गार्डों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था और पुनर्वास योजना के हटाया जा रहा है। गार्डों का कहना है कि इस फैसले से न केवल उनकी नौकरी प्रभावित होगी, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने बैंक प्रबंधन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और प्रभावित कर्मियों के लिए सम्मानजनक समाधान निकालने की मांग की।

सुरक्षा गार्डों ने बताया कि वे लगातार बैंक की संपत्ति और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते रहे हैं। ऐसे में अचानक सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करने वाली है। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि बैंक प्रबंधन कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर कोई सकारात्मक और व्यावहारिक रास्ता निकाले।

मामले को गंभीरता से सुनते हुए बन्ना गुप्ता ने सुरक्षा गार्डों को आश्वस्त किया कि उनके रोजगार और हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने तत्काल एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक भूपण कुमार से दूरभाष पर बातचीत कर मामले में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।

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बन्ना गुप्ता ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे सुरक्षा कर्मियों की आजीविका से जुड़ा यह अत्यंत संवेदनशील विषय है। किसी भी निर्णय से पहले श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग समाज की रीढ़ है और उनके अधिकारों की रक्षा करना सभी संस्थाओं की नैतिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को उच्च स्तर पर भी उठाया जाएगा, ताकि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो। प्रतिनिधिमंडल ने उनकी त्वरित पहल और संवेदनशील रुख के लिए आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि बैंक प्रबंधन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगा और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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