पंचायतों में ‘बेंच घोटाला’ का विस्फोट! ₹2950 की बेंच पर ₹18 हजार से ज्यादा की लूट, 3 प्रखंडों में ₹78 लाख से अधिक की बंदरबांट का आरोप

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लातेहार: लातेहार जिले की पंचायतों में विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर सरकारी खजाने की खुली लूट का मामला सामने आया है। 15वें वित्त आयोग मद से लगाए गए आरसीसी बेंच अब भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और घटिया गुणवत्ता के प्रतीक बनते जा रहे हैं। सरकारी दस्तावेजों और बाजार दरों के बीच भारी अंतर ने पंचायत व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।मेरी पंचायत सरकारी मोबाइल एप्लिकेशन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में लातेहार, महुआडांड़ और मनिका प्रखंड की पंचायतों में कुल 551 आरसीसी बेंच लगाए गए। इन बेंचों पर सरकारी राशि से ₹1,03,92,770 से अधिक खर्च दिखाया गया है। यानी एक साधारण आरसीसी बेंच की कीमत औसतन ₹18,800 बैठाई गई।लेकिन जब इसी प्रकार के बेंच का बाजार दर पता किया गया तो पूरा खेल उजागर हो गया। लोहरदगा की परी इंटरप्राइजेज द्वारा दिए गए कोटेशन में एक आरसीसी बेंच की कीमत जीएसटी सहित मात्र ₹2950 बताई गई। परिवहन, मजदूरी और इंस्टॉलेशन जोड़ देने के बाद भी इसकी वास्तविक लागत ₹4500 से अधिक नहीं होती। ऐसे में प्रति बेंच हजारों रुपये अतिरिक्त भुगतान आखिर किसके इशारे पर किया गया, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।

*₹78 लाख से अधिक की गड़बड़ी का आरोप*

सरकारी भुगतान और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच अंतर को जोड़ें तो केवल तीन प्रखंडों में ही करीब ₹78.79 लाख की संभावित वित्तीय अनियमितता सामने आती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायतों में विकास योजनाओं को कमीशनखोरी का जरिया बना दिया गया है और जनता के पैसे की खुलेआम बंदरबांट की गई।

*एक साल भी नहीं टिक पाए बेंच, जगह-जगह दरारें*

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन बेंचों को भारी कीमत पर खरीदा गया, वे गुणवत्ता की परीक्षा में पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। कई पंचायतों में लगाए गए बेंचों में अभी एक साल के भीतर ही दरारें पड़ गई हैं, जबकि कई बेंच टूट चुके हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि लाखों रुपये खर्च हुए हैं तो सामग्री मजबूत और टिकाऊ होनी चाहिए थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह बता रही है कि या तो घटिया सामग्री का उपयोग हुआ या फिर खरीद प्रक्रिया में भारी खेल किया गया।

*वारंटी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं*

वेंडर के कोटेशन के अनुसार इन आरसीसी बेंचों पर दो वर्ष की वारंटी दी गई है। इसके बावजूद कई पंचायतों में दो दर्जन से अधिक बेंच टूटने और क्षतिग्रस्त होने के बाद भी उन्हें बदला नहीं गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सामान सही तरीके से खरीदा गया होता तो इतनी जल्दी बेंच खराब नहीं होते। अब टूटे बेंच गांवों और चौक-चौराहों पर भ्रष्टाचार की कहानी बयान कर रहे हैं।

*सदर प्रखंड में सबसे बड़ा खेल!*

लातेहार सदर प्रखंड की 15 पंचायतों में कुल 423 बेंच लगाए गए, जिन पर ₹79,94,898 खर्च किए गए। यानी एक बेंच की औसत कीमत करीब ₹18,900 बैठाई गई।आंकड़ों के अनुसार 14 पंचायतों में 407 बेंच लगाने के एवज में एके इंटरप्राइजेज को ₹76,94,898 का भुगतान किया गया, जबकि परसही पंचायत में 16 बेंच लगाने के लिए अनिका इंटरप्राइजेज को ₹3 लाख दिए गए।

महुआडांड़ में भी नहीं रुका खेल

महुआडांड़ प्रखंड की सात पंचायतों में 91 बेंच लगाए गए, जिन पर ₹16,99,000 खर्च किए गए। यहां भी प्रति बेंच लागत करीब ₹18,670 रही। भुगतान एके इंटरप्राइजेज, वर्षा इंटरप्राइजेज और हमदान एंटरप्राइज को किया गया।

जांच शुरू :डीडीसी लातेहार

मामले पर लातेहार के डीडीसी सैय्यद रियाज अहमद ने कहा—लातेहार प्रखंड क्षेत्र में लगाए गए आरसीसी बेंच की जांच चल रही है। यदि अन्य प्रखंडों में भी इसी तरह के मामले हैं तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

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