महुआडांड़: विकास की खोखली हकीकत उजागर, पकरीपाठ गांव में 3–4 माह से पेयजल संकट


महुआडांड़ : महुआडांड़ प्रखंड के पकरीपाठ गांव में पेयजल संकट लगातार गंभीर बना हुआ है। गांव में स्थापित 5 जलमीनारों में से 4 खराब पड़े हैं, जबकि एकमात्र चालू जलमीनार भी कम बोरिंग और घटते जलस्तर के कारण पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहा है।करीब 40 घरों की आबादी पिछले 3–4 महीनों से इसी संकट से जूझ रही है। सुबह से ही ग्रामीण पानी के लिए लंबी कतारों में लग जाते हैं, लेकिन कई बार घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं कीलोगों ने सभी खराब जलमीनारों की तत्काल मरम्मत, बोरिंग गहराई बढ़ाने और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की मांग की है, ताकि गांव को राहत मिल सके।



