जमशेदपुर : जमशेदपुर की अनुष्का ने अपने अकादमिक प्रदर्शन और व्यक्तिगत जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाकर एक मिसाल पेश की है। उसने यह साबित किया है कि पढ़ाई के साथ-साथ रिश्तों को भी सही तरीके से संभाला जा सकता है। उसकी इस सोच और व्यवहार की हर तरफ सराहना हो रही है।सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में आर्ट्स स्ट्रीम से 95 प्रतिशत अंक हासिल कर उन्होंने न सिर्फ शैक्षणिक सफलता पाई, बल्कि हजारों युवाओं के लिए नई प्रेरणा भी बन गई हैं। अनुष्का का बचपन गोविंदपुर में बीता है। विग इंग्लिश स्कूल में पढ़ते हुए अनुष्का ने एक्स्ट्रा करिकुलम में खूब बढ़ चढ़ के हिस्सा लेती थी और पुरस्कार भी अपने नाम के सब का ध्यान अपनी ओर खिंचने पर शुरू से आगे रही।
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अनुष्का का कहना है कि सफलता सिर्फ अच्छे अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और रिश्तों का सम्मान भी उतना ही जरूरी है। उसने अपनी दिनचर्या को इस तरह व्यवस्थित किया कि पढ़ाई पर पूरा ध्यान भी रहे और परिवार व दोस्तों के साथ संबंध भी मजबूत बने रहें।अनुष्का बताती हैं कि शुरुआत में पढ़ाई और सोशल मीडिया के बीच तालमेल बैठाना आसान नहीं था। कई बार लोगों ने कहा कि रील्स और वीडियो बनाने से पढ़ाई प्रभावित होगी, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने समय को इस तरह बांटा कि पढ़ाई भी प्रभावित न हो और उनका कंटेंट क्रिएशन का शौक भी जारी रहे।
अनुष्का की कहानी आज के युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि सोशल मीडिया तभी नुकसान बनता है, जब उसका इस्तेमाल बिना दिशा के हो। अगर समय प्रबंधन, अनुशासन और आत्मविश्वास हो, तो वही सोशल मीडिया पहचान, अवसर और प्रेरणा का माध्यम भी बन सकता है। पढ़ाई और पैशन के बीच संतुलन बनाकर अनुष्का ने एक नया उदाहरण पेश किया है, जो आने वाली पीढ़ी को नई सोच देगा।