मुख्यमंत्री साहब, नेतरहाट के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं!
20 से अधिक जलमीनार खराब, भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहराया… जनता बोली- अब तो रहम करिए सरकार


महुआडांड़/नेतरहाट: झारखंड की खूबसूरत पर्यटन नगरी नेतरहाट आज गंभीर पेयजल संकट की मार झेल रही है। हालत यह है कि यहां के ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटक भी पानी के लिए परेशान हैं। क्षेत्र में 20 से अधिक जलमीनार खराब पड़े हैं, लेकिन महीनों बाद भी मरम्मत नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।भीषण गर्मी के बीच गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। महिलाएं और बच्चे दूर-दराज इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं। कई मोहल्लों और गांवों में नल सूखे पड़े हैं। लोगों का कहना है कि सरकार योजनाओं और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नेतरहाट के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं। खराब जलमीनार सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं।नेतरहाट मुखिया राम बिशुन नागेसिया ने लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार से जल्द सभी जलमीनारों की मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा “मुख्यमंत्री साहब, नेतरहाट के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं… अब तो रहम करिए। पर्यटन नगरी की जनता प्यास से परेशान है और जिम्मेदार अधिकारी मौन बैठे हैं।”



