8 साल की उम्र में नक्सलियों ने अगवा किया था मासूम, जंगल में बीता जीवन… चाईबासा में मुठभेड़ में खत्म हुई कहानी


चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र स्थित रूटुगुटू जंगल में हुई मुठभेड़ में मारा गया नक्सली इस्माइल पूर्ति उर्फ अमृत कभी एक साधारण स्कूली बच्चा था। बताया जाता है कि वर्ष 2010 में जब वह मात्र 8 साल का था, तब कुख्यात नक्सली संगठन ने उसे गांव से अगवा कर जंगल की दुनिया में धकेल दिया था। उस समय वह स्कूल में पढ़ाई कर रहा था।

परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआती वर्षों में वह कभी-कभी घर आता था, लेकिन धीरे-धीरे नक्सली संगठन की पकड़ उस पर मजबूत होती गई और वह पूरी तरह जंगल में सक्रिय हो गया। वर्षों तक वह नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा और कई हिंसक घटनाओं से उसका नाम जुड़ता गया।
बताया गया है कि मुठभेड़ से पहले वह संगठन के लिए रसद और जंगल में मूवमेंट कराने जैसे कामों में सक्रिय था। लंबे समय तक अलग-अलग घटनाओं में शामिल रहने के बाद अंततः सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में उसका अंत हो गया। परिवार अब भी उसके पुराने दिनों और बचपन की यादों को लेकर भावुक है।


