दानवीर भामाशाह की जयंती पर श्रद्धा का सैलाब, लोगों ने लिया ये बड़ा संकल्प

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रांची : कांके स्थित लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बुधवार को महान राष्ट्रभक्त और दानवीर भामाशाह की 479वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।

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कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू ने भामाशाह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 29 अप्रैल 1547 को राजस्थान के एक वैश्य परिवार में हुआ था। उनके पिता भारमल जी एक कुशल किलेदार थे, जिनसे उन्हें साहस और प्रबंधन की सीख मिली। उन्होंने कहा कि भामाशाह केवल धनवान व्यक्ति नहीं थे, बल्कि राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित महान व्यक्तित्व थे और महाराणा प्रताप के विश्वसनीय सहयोगी भी रहे।

बताया गया कि मुगलों से युद्ध के दौरान जब महाराणा प्रताप आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी पूरी संपत्ति देशहित में समर्पित कर दी थी, जिससे सेना को पुनर्गठित करने में मदद मिली। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी मौजूद रहे और सभी ने उनके त्याग व राष्ट्रभक्ति को प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।

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