ट्रेन लेटलतीफी पर खुलासा, रेलवे का दावा—अब मिनटों में दौड़ेंगी गाड़ियां


जमशेदपुर : ट्रेनों की लगातार देरी को लेकर बढ़ते यात्रियों के गुस्से के बीच रेलवे ने पहली बार खुलकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। टाटानगर स्टेशन पर आयोजित प्रेस वार्ता में सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने बताया कि पिछले 15 दिनों में ट्रेन संचालन में सुधार हुआ है। पहले जहां ट्रेनों की समय पालन दर करीब 35 प्रतिशत तक गिर गई थी, अब यह बढ़कर 60 से 65 प्रतिशत तक पहुंच गई है। औसतन 120 मिनट की देरी घटकर अब 15 से 20 मिनट रह गई है।

उन्होंने कहा कि हर ट्रेन की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि संचालन में बाधाएं कम हों। यात्री ट्रेनों की तुलना में मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने की बात को उन्होंने गलत बताया। जानकारी दी गई कि एक दिन में इस रूट पर 47 अप और 47 डाउन यात्री ट्रेनें चलीं, जबकि मालगाड़ियों की संख्या इससे कम रही।
रेलवे ने यह भी बताया कि ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम जारी है, जिसमें सीनी-चाईबासा और गम्हरिया-चांडिल के बीच तीसरी-चौथी लाइन बिछाने की योजना शामिल है। इसके अलावा आसनबनी-बागबेड़ा और आदित्यपुर-टाटा सेक्शन में भी नई लाइन का काम चल रहा है। भविष्य में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनने से मालगाड़ियां अलग ट्रैक पर शिफ्ट होंगी, जिससे यात्री ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकेगी।


