ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेलवे की सफाई, सीनियर DCM ने बताए कारण और समाधान


जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच रेलवे प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। दक्षिण पूर्व रेलवे के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने यात्रियों की समस्याओं को स्वीकार करते हुए बताया कि ट्रेनों के देर से चलने के पीछे कई तकनीकी और परिचालन कारण जिम्मेदार हैं।

उन्होंने बताया कि सबसे बड़ा कारण रेलवे ट्रैक पर बढ़ता दबाव है, जहां ट्रेनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिसमें 12 नई कोचिंग ट्रेन जोड़ी भी शामिल हैं। इसके अलावा टाटानगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की कमी भी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
सीनियर डीसीएम ने यह भी कहा कि स्थिति सुधारने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। हर ट्रेन की निगरानी बढ़ाई जा रही है, डीटीआई और एलआई कर्मियों की तैनाती की गई है, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की नाइट ड्यूटी लगाई जा रही है, ताकि ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा 5–6 प्रमुख स्टेशनों पर नए लूप लाइन बनाने और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजना पर काम जारी है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही और सुचारू होगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ये सभी उपाय लागू होने के बाद ट्रेन संचालन में सुधार आएगा और यात्रियों को राहत मिलेगी। हालांकि फिलहाल यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन पर दबाव बना हुआ है और जल्द सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


