रंगदारी गैंग का बड़ा खुलासा, नंबर जुटाने से लेकर शूटर्स भेजने तक का नेटवर्क उजागर


रांची : धनबाद के भागाबांध में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर ने पूछताछ में प्रिंस खान गिरोह के नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह गिरोह के लिए काम करता था और धनबाद, बोकारो के साथ-साथ रांची में भी इसका प्रभाव बढ़ चुका है। रांची में नामकुम के कौशल पांडे कारोबारियों की जानकारी और मोबाइल नंबर जुटाकर गिरोह तक पहुंचाता था, जबकि लालपुर (नगड़ा टोली) का राणा राहुल सिंह रंगदारी नहीं मिलने पर शूटर और हथियार उपलब्ध कराता था। दोनों पहले सुजीत सिन्हा के लिए भी काम कर चुके हैं और अब पुलिस इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाकर तलाश में जुटी है।

जांच में यह भी सामने आया है कि प्रिंस खान ने फर्जी पहचान ‘फैज खान’ के नाम से आईडी बनाकर पाकिस्तान के बहावलपुर का पता दर्ज कराया था, जिसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह का संबंध आतंकी नेटवर्क से भी हो सकता है और रंगदारी का पैसा वहां तक पहुंचाया जा रहा है। पूछताछ में हर महीने करीब एक करोड़ रुपये क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भेजे जाने की बात भी सामने आई है, जिसमें 65 संदिग्ध बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
कुबेर इस पूरे नेटवर्क में मुख्य कड़ी के रूप में काम करता था। वह कारोबारियों की जानकारी जुटाने, धमकी भरे संदेश तैयार करने, ऑडियो एडिट कर भेजने और पैसों के लेनदेन का हिसाब रखने की जिम्मेदारी निभाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वासेपुर के टुन्ना खान का बेटा अफजल अमन भी शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने में शामिल था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहराई से जांच कर रही है।



