मध्य पूर्व के युद्ध क्षेत्र से भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने को सरकार ने तैयार की रणनीति


नई दिल्ली : भारत सरकार मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच वहां फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित है। देश के लाखों प्रवासी मजदूर, छात्र और काम करने वाले लोग खाड़ी देशों में रहते हैं, जिन पर हालात का सीधा असर पड़ा है।केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि सरकार मजदूरों, छात्रों और वहां फंसे अन्य भारतीयों को सुरक्षित घर लाने के लिए सभी उपायों पर काम कर रही है। विदेश में भारतीय मिशनों के जरिए उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। बीते दिनों ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से क्षेत्र में कई जगह मिसाइलें और हवाई हमले हुए हैं। इन हमलों के कारण हवा और समुद्री मार्गों पर भारी अवरोध हैं जिससे भारतीयों के लिए यात्रा और निकासी मुश्किल हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए स्थिति का जायजा लिया है और कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने खाड़ी में फंसे नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। सरकार के मुताबिक वह एयरलाइंस, वायु सेना और नौसेना के साथ समन्वय में काम कर रही है ताकि स्थिति सामान्य होते ही लोगों को बिना देरी घर लाया जा सके। विदेश मंत्री और अन्य अधिकारियों के समन्वय से दूतावासों के माध्यम से मदद और सलाह भी जारी है।कुछ राज्य सरकारों ने भी अपने प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा और निकासी में सहयोग के लिए हेल्पलाइन शुरू की है और केंद्र से समन्वय बढ़ाने का आग्रह किया है।हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, लेकिन सरकार ने आश्वस्त किया है कि भारतीयों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है.



