जमशेदपुर में जगन्नाथ मंदिर भूमि विवाद: कुड़मी समाज ने उठाए गंभीर सवाल, कहा — “CNT एक्ट का उल्लंघन”

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जमशेदपुर : कदमा क्षेत्र में बनने वाले श्री जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र के लिए भूमि आबंटन को लेकर स्थानीय कुड़मी समाज ने गंभीर चिंता और विरोध जताया है। समाज ने कहा है कि जमीन के आवंटन में CNT एक्ट के तहत नियमों का उल्लंघन हुआ है और वह कोर्ट तक जाने को तैयार है।

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कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वह भूमि के स्वामित्व और इतिहास से परिचित हैं। उनका दावा है कि यह जमीन परम्परागत रूप से कुड़मी समाज के लोगों की थी और उनके नाम से भूलेख एवं दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि यह भूमि पहले टाटा लीज में थी और बाद में सरकार द्वारा इसे अन्य समुदाय के उपयोग के लिए आवंटित कर दिया गया।

समाज का कहना है कि जब भूमि पहले लीज से अलग हुई थी, तब इसे लोगों के हित में वापस करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। अब फिर से इसे किसी संस्था को देने की बात उठने पर जनता में चिंता और असंतोष बढ़ गया है।

कुड़मी समाज ने कहा कि अगर जमीन को लेकर कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया, तो वही लोग न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएँगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि CNT एक्ट के तहत जिस भूमि के असली हिस्सेदार हैं, उसकी बिना सहमति के हस्तांतरण नहीं किया जा सकता।

समाज ने अधिकारियों से पारदर्शिता, न्याय और कानून के अनुसार ही कार्रवाई करने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि जमीन के मुद्दे को लेकर स्थानीय समुदाय की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और समस्या का जल्द समाधान निकलना चाहिए।

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इस विवाद ने कदमा मंदिर परियोजना के आसपास भू-स्वामित्व और कानूनी प्रक्रियाओं पर नई बहस शुरू कर दी है। इससे आसपास के लोगों और सामाजिक संगठनों में चर्चा तेज़ हो गई है।

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