मणिपुर में अब खेमचंद सरकार, दो डिप्टी सीएम भी बनाएगी भाजपा


मणिपुर: भाजपा ने पूरे एक साल बाद मणिपुर में नई सरकार बनाने की तैयारी कर ली है। वरिष्ठ नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है। वह नए मुख्यमंत्री होंगे। इसके अलावा दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाने की तैयारी है। डिप्टी सीएम के तौर पर नेमचा किपगेन का नाम तय हुआ है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि मणिपुर में मैतेई समुदाय के अलावा कुकी को भी साधा जा सके। दोनों समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई थी, जिसे कंट्रोल करने में पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह असफल रहे थे। यही कारण रहा कि उनकी कुर्सी ही चली गई और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा था ताकि किसी तरह के विवाद से बचा जा सके।मुख्यालय में हुई बीजेपी विधायकों की बैठक में खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में भाजपा के 37 विधायकों में से 35 विधायक के अलावा पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी सहित अन्य उपस्थित रहे। भाजपा के दो विधायक अस्वस्थ होने के कारण बैठक में अनुपस्थित थे। इसमें खेमचंद्र के नाम पर मुहर लगी। कुकी समुदाय से आने वाली महिला नेता और पूर्व मंत्री नेमचा किपगेन के नई सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना है। किपगेन की उम्र अभी 60 साल है। नागा समुदाय से लोसी दिखो डिप्टी सीएम बनेंगे। नई सरकार में गोविंददास कोंथौजम को गृह मंत्री बनाया जा सकता है। उनके समर्थक सोशल मीडिया गृह मंत्री की शुभकामनाएं दे रहे हैं।इसके बाद मणिपुर भवन में एक और बैठक हुई, जिसमें मणिपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के विधायक उपस्थित थे। इनमें नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय और भाजपा के विधायक थे। उन्होंने सिंह को राजग विधायक दल का नेता और किपगेन को उपनेता बनाए जाने का समर्थन किया। सूत्रों के अनुसार, एक नगा विधायक को दूसरा उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने का प्रस्ताव है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात करके राजग सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है।वर्तमान में, मणिपुर में भाजपा के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जनता दल (यूनाइटेड) ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। अन्य विधायकों में से छह नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से, पांच नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) से, पांच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक जद (यू) से और तीन निर्दलीय हैं। मौजूदा विधायक का निधन हो जाने के कारण वर्तमान में एक सीट रिक्त है।




