पोटका प्रखंड के हाता स्थित प्राचीन गुरुकुल आश्रम रामगढ़ में रविवार को 58वें पांचदिवसीय महायज्ञानुष्ठान, अखंड संकीर्तन एवं दशम विष्णु यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत पारंपरिक कलश यात्रा से की गई, जिसमें 1001 कुंवारी कन्याएं गाजे-बाजे के साथ जुलूस की शक्ल में चाईबासा रोड स्थित तिरिंग नदी पहुंचीं।
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नदी तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना के बाद कलश में जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर आश्रम परिसर पहुंचे, जहां विधिवत स्थापना के साथ यज्ञ और हरिनाम संकीर्तन का आरंभ हुआ। यह धार्मिक अनुष्ठान लगातार पांच दिनों तक चलेगा।
आयोजकों के अनुसार 6 फरवरी को यज्ञोपवीत संस्कार, धुलट और शाम को पूर्णाहुति के साथ यज्ञ का समापन किया जाएगा। कलश यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
कलश यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में पोटका विधायक संजीव सरदार शामिल हुए। उनके साथ जिला पार्षद सूरज मंडल, सविता सरदार, सोनामनी सरदार, पूर्व पार्षद चंद्रावती महतो, मुखिया सुकलाल सरदार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
यज्ञ का उद्घाटन दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर विधायक संजीव सरदार ने कहा कि रामगढ़ आश्रम हाता पोटका विधानसभा क्षेत्र का एक ऐतिहासिक और पवित्र तीर्थस्थल है, जिससे क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि करीब 58 वर्ष पूर्व ब्रह्मलीन बाबा बालक दास जी ने ग्रामीणों के सहयोग से इस यज्ञ और हरिनाम संकीर्तन की शुरुआत की थी, जो आज एक विशाल धार्मिक आयोजन का रूप ले चुका है।
उन्होंने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।