भारत ने चीन को पछाड़कर हासिल किया बड़ा मुकाम,


Delhi: भारत और चीन के बीच वैश्विक मंच पर वर्चस्व की होड़ लगातार तेज होती जा रही है। कई सेक्टरों में यह प्रतिस्पर्धा अब रणनीतिक टकराव का रूप ले चुकी है। भारत की कोशिश है कि वह दुनिया की ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बने, हालांकि यह लक्ष्य आसान नहीं है। इसके लिए भारत को चीन को कई मोर्चों पर पीछे छोड़ना होगा। इसी दिशा में भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।भारत ने चावल उत्पादन के मामले में चीन को पछाड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश बनने का गौरव हासिल कर लिया है। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी। उन्होंने बताया कि भारत का कुल चावल उत्पादन 15.18 करोड़ टन तक पहुंच गया है, जबकि चीन का उत्पादन 14.5 करोड़ टन रहा।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने 25 फसलों की 184 उन्नत किस्मों को जारी किया। ये किस्में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा विकसित की गई हैं। चौहान ने कहा कि उच्च उपज देने वाले बीजों के इस्तेमाल से न केवल फसल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ये नई किस्में जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाई जाएं।यह भी बताया गया कि 1969 में जब से सरकारी अधिसूचना की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से कुल 7,205 फसल किस्मों को अधिसूचित किया गया है। इनमें से 3,236 ज्यादा उपज देने वाली किस्मों को नरेंद्र मोदी सरकार के तहत मंजूरी मिली है। वहीं, 1969 से 2014 के बीच 3,969 किस्मों को अधिसूचित किया गया था।चौहान ने कहा कि देश जलवायु-अनुकूल बीजों से संचालित कृषि क्रांति के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने वैज्ञानिकों से दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर फोकस करने की अपील की ताकि देश आत्मनिर्भर बन सके। कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सीड मल्टीप्लिकेशन रेट को डेढ़ से दो गुना बढ़ाया गया है। राष्ट्रीय और राज्य बीज निगम किसानों को सस्ती कीमतों पर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करा रहे हैं।




