भारतीय ज्ञान परंपरा व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का आधार : प्रो. प्रसून दत्त सिंह

0
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर: जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में 24 दिसंबर 2025 को हिन्दी विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त आयोजन में “भारतीय शिक्षा और ज्ञान परंपरा” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने की।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

स्वागत संबोधन में प्राचार्य ने भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक समय में गुरु-शिष्य के बीच वह आत्मीय संबंध कम होता जा रहा है, जो पहले शिक्षा की पहचान हुआ करता था।

IQAC समन्वयक डॉ. नीता सिन्हा ने भारतीय ज्ञान परंपरा की तुलना आधुनिक शिक्षा प्रणाली से करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों, नैतिकता और विवेक से समृद्ध बनाती है। इसके बाद डॉ. प्रियंका सिंह ने मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत करते हुए विषय की भूमिका रखी।

मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में संस्कृत विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व के विकास और राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार है। उन्होंने बताया कि वेदों और गीता के माध्यम से जीवन को देखने की वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टि मिलती है।

प्रो. सिंह ने वर्तमान समय में समाज में बढ़ रही संवेदनहीनता और प्रकृति से जुड़े संकटों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में निहित है। उन्होंने जोर दिया कि यह शिक्षा प्रणाली सर्वांगीण विकास और विश्व बंधुत्व की भावना को सुदृढ़ करती है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। संगोष्ठी का संचालन हिन्दी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. सबिता पॉल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रुचिका तिवारी ने प्रस्तुत किया।

See also  डीसी का औचक निरीक्षण, ऑफिस में अनुपस्थित मिले अधिकारी पर गिरी गाज… मांगा गया स्पष्टीकरण

इस अवसर पर कई शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Thanks for your Feedback!

You may have missed