झारखंड में आधार एनरोलमेंट में बड़ा घोटाला! भाजपा का आरोप—छात्रों से वसूले गए करोड़ों रुपये


झारखंड: झारखंड में आधार एनरोलमेंट से जुड़ा बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य के कई स्कूलों और ब्लॉक रिसोर्स सेंटरों में छात्रों से आधार बनवाने और बायोमेट्रिक अपडेट के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई। पार्टी का कहना है कि पूरे राज्य में इस प्रक्रिया में लगभग 75 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान कराया गया है, जो एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।

भाजपा नेताओं के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब कई अभिभावकों और छात्रों ने शिकायत की कि आधार अपडेट की सुविधा मुफ्त बताई गई थी, लेकिन वास्तविकता में उनसे अलग-अलग राशि वसूली गई। बताया गया कि कुछ जगहों पर प्रति छात्र 50 से 200 रुपये तक लिए गए, जबकि कई क्षेत्रों में यह राशि बढ़कर 500 से 2,000 रुपये तक पहुंच गई।
इसके अलावा, कई ‘आधार सुपरवाइज़र’ों से “सिक्योरिटी डिपॉज़िट” और “डिवाइस मेंटेनेंस” के नाम पर भी लाखों रुपये की मांग की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से चलाया गया और संबंधित विभागों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
पार्टी ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धन किस स्तर पर और किन लोगों द्वारा लिया गया। भाजपा ने यह भी कहा कि अगर वसूली की राशि वापस नहीं की गई तो प्रभावित छात्रों और अभिभावकों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल, मामले को लेकर राज्य की राजनीति गर्म है और यह देखा जाना बाकी है कि जांच के बाद कितने अधिकारी, कर्मचारी और संबंधित संस्थान जिम्मेदार पाए जाते हैं।



