आईईईई जीआईईएसटी 2025 में “वीमेन इन इंजीनियरिंग” सत्र की शुरुआत- भविष्य के तकनीकी नेताओं को सशक्त बनाना लक्ष्य


Saraikela :- आईईईई द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ऑन ग्रीन इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज (GIEST 2025) के अंतर्गत “वीमेन इन इंजीनियरिंग (WIE)” सत्र का आयोजन एनआइटी जमशेदपुर में किया गया. यह सत्र सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण रहा, जिसमें देश के विभिन्न भागों से आईं प्रतिष्ठित महिला नेताओं ने भाग लिया और इंजीनियरिंग, अनुसंधान तथा नेतृत्व के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए. इस सत्र का विषय था “Transforming the Future: Women’s Leadership in Engineering and Research” अर्थात् “भविष्य को रूपांतरित करना: इंजीनियरिंग और अनुसंधान में महिलाओं का नेतृत्व”.डॉ. शेले सिन्हा चौधरी, प्रोफेसर, जादवपुर विश्वविद्यालय एवं चेयर, IEEE WIE कोलकाता सेक्शन, स्वस्तिका बसु, चेयरपर्सन, INVEST-EZC एवं प्रबंध निदेशक, JAMIPOL लिमिटेड, डॉ. नेहा जायसवाल, सहायक प्रोफेसर, एनआईटी जमशेदपुर, डॉ. विग्या, सिमेन्स, बेंगलुरु, डॉ. निधि मिश्रा, सहायक प्रोफेसर, बीआईटी मेसरा तथा डॉ. मधु सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (ईईडी), और GIEST 2025 की जनरल चेयरपर्सन.

वक्ताओं ने युवा शोधकर्ताओं और पेशेवरों को प्रेरित किया –
इस चर्चा के दौरान पैनलिस्टों ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, नवाचार, समावेशिता और सतत विकास पर अपने विचार साझा किए. उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से यह बताया कि किस प्रकार महिलाओं का नेतृत्व तकनीकी क्षेत्र में नए दृष्टिकोण और संभावनाएँ लेकर आता है. सभी वक्ताओं ने युवा शोधकर्ताओं और पेशेवरों को प्रेरित किया कि वे आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व के साथ आगे बढ़ें और समाज के तकनीकी विकास में सक्रिय योगदान दें.
GIEST 2025 के आयोजकों ने सभी सम्मानित पैनलिस्टों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपने विचारों और अनुभवों से इस सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बनाया. यह सत्र न केवल तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि इसने भविष्य की महिला इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को नेतृत्व और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.



