धान की रोपनी 87% पूरी, बारिश ने टाला सूखे का संकट; अब खाली खेतों में होगा मोटा अनाज

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झारखंड : राज्य में धान की रोपनी का काम पूरा हो गया है। खरीफ सीजन की शुरुआत में अल नीनो की आशंका के चलते सूखे का खतरा बताया गया था। जुलाई तक बारिश की स्थिति भी चिंताजनक रही और राज्य में सिर्फ 376 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 508 मिमी होनी चाहिए थी। हालांकि अगस्त में सावन के दौरान बारिश ने कमी काफी हद तक पूरी कर दी। इस महीने सामान्य 290 मिमी के मुकाबले 371 मिमी बारिश हुई, यानी 27 मिमी अधिक। इससे सूखे का संकट टल गया और 31 अगस्त की अंतिम समयसीमा तक धान के लक्ष्य वाले 1801 हजार हेक्टेयर में से 1557 हजार हेक्टेयर में रोपनी हो गई। यानी करीब 87 फीसदी लक्ष्य पूरा हुआ और 13 फीसदी खेत खाली रह गए। इन खेतों के लिए विभाग ने वैकल्पिक बीजों की व्यवस्था की है।

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राज्य में पिछले साल 1706 हजार हेक्टेयर में धान की खेती हुई थी, जो इस साल के मुकाबले आठ फीसदी अधिक थी। इस वर्ष मक्का का लक्ष्य 313 हजार हेक्टेयर रखा गया था, जबकि 257 हजार हेक्टेयर में इसकी खेती हुई, जो लक्ष्य का करीब 81.94 फीसदी है। धनबाद, गिरिडीह और पलामू में 80 फीसदी से कम खेतों में धान की रोपनी हुई, जबकि बाकी जिलों में यह आंकड़ा 80 फीसदी से अधिक रहा। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार रांची में लक्ष्य 171 और रोपनी 142, खूंटी 76-63, गढ़वा 188-178, सिमडेगा 85-72, लोहरदगा 47-40, गोड्डा 56-48, पलामू 51-36, लातेहार 30-26, पूर्वी सिंहभूम 110-98, पश्चिमी सिंहभूम 186-168, सरायकेला 100-94, हजारीबाग 84-73, रामगढ़ 35-30, चतरा 36-30, कोडरमा 17-13, गिरिडीह 88-61, धनबाद 43-32, बोकारो 33-29, दुमका 111-94, देवघर 52-45, जामताड़ा 52-42, गोड्डा 51-42, साहिबगंज 49-46 और पाकुड़ 49-43 हजार हेक्टेयर रहा। वर्षवार धान की खेती 2021-22 में 1763, 2022-23 में 855, 2023-24 में 1337, 2024-25 में 1596, 2025-26 में 1706 और 2026-27 में 1557 हजार हेक्टेयर रही।

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मॉनसून के लिहाज से भी अगस्त के अंत तक स्थिति सुधरी है। एक जून से 31 अगस्त तक राज्य में 747.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 798.8 मिमी है, यानी कमी छह फीसदी रह गई। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 52% अधिक यानी 1224.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 807.3 मिमी है। लातेहार में 24%, सरायकेला में 15% और रांची में आठ फीसदी अधिक बारिश हुई। इसके उलट पाकुड़ में सामान्य से 52% कम, देवघर और कोडरमा में 41-41%, गढ़वा में 39% और चतरा में 37% कम बारिश हुई। कृषि विभाग के निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा कि इस बार खेती अच्छी रही है और धान में पिछले साल की तुलना में केवल आठ फीसदी कमी है, जबकि अन्य फसलों की स्थिति बेहतर है। खाली खेतों में मोटा अनाज लगवाने की योजना है और मिलेट मिशन के तहत आवेदन मांगे जा रहे हैं, जिनकी संख्या अब तक एक लाख से अधिक हो चुकी है।

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