हरियाली तीज पर क्यों पहना जाता है हरा रंग? जानिए परंपरा के पीछे की धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता

0
Advertisements
Advertisements

सावन का महीना आते ही वातावरण में हरियाली छा जाती है और इसी मौसम में मनाया जाता है हरियाली तीज का पर्व। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं के लिए अत्यंत महत्व रखता है, जिसमें वे पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस दिन महिलाओं द्वारा हरे रंग के वस्त्र, चूड़ियां, बिंदी और मेहंदी पहनना एक परंपरा बन चुकी है। लेकिन आखिर क्यों इस दिन हरे रंग को इतना महत्वपूर्ण माना जाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे छिपे धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक कारण।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

 हरा रंग: प्रकृति और जीवन का प्रतीक
हरियाली तीज का सीधा संबंध प्रकृति की हरियाली से है। सावन का महीना वर्षा और वनस्पति के उत्थान का समय होता है। इस समय धरती हरी चादर ओढ़ लेती है, और वातावरण में ताजगी और सजीवता भर जाती है। ऐसे में हरा रंग पहनना न केवल मौसम से मेल खाता है, बल्कि यह नवजीवन, उर्वरता और शुभता का प्रतीक भी माना जाता है।

 धार्मिक मान्यता: माता पार्वती का आशीर्वाद पाने की परंपरा
हरियाली तीज का पर्व माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन का प्रतीक है। मान्यता है कि माता पार्वती ने कई वर्षों तक तपस्या करके शिव जी को पति रूप में प्राप्त किया था। इस दिन महिलाएं माता गौरी का रूप धारण कर उनके जैसी श्रद्धा और समर्पण भाव दिखाती हैं। हरा रंग पहनकर वे मां पार्वती की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करती हैं।

सौभाग्य और समृद्धि का संदेश
भारतीय संस्कृति में हरे रंग को सौभाग्य, समृद्धि, प्रेम और शांति का प्रतीक माना जाता है। यह रंग मानसिक शांति देता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। सुहागन स्त्रियां इस दिन हरे वस्त्र पहनकर अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करती हैं।

See also  गोवंश तस्करी पर विश्व हिंदू परिषद की बैठक में चिंता प्रकट की गई, वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान शासन और प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह विफल

संस्कृति और सौंदर्य का मेल
हरियाली तीज महिलाओं के लिए श्रृंगार और मेल-मिलाप का भी उत्सव है। वे इस दिन झूला झूलती हैं, लोकगीत गाती हैं, एक-दूसरे को मेहंदी लगाती हैं और पारंपरिक पकवान बनाती हैं। हरा रंग इस सांस्कृतिक उल्लास और सौंदर्य को और अधिक निखार देता है।

Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed