उमर खालिद और शरजील को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत,


दिल्ली:दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुना दिया. इस मामले में उमर खालिद और शरजील को जमानत नहीं मिली है, वहीं अन्य 5 आरोपियों को जमानत मिल गई है. जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा कि यह जजमेंट लंबा है, कुछ महत्वपूर्ण पैराग्राफ पढ़े जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कहा कि कठोर कानूनों जैसे UAPA में ट्रायल में देरी का मुद्दा गंभीर है. अनुच्छेद 21 संवैधानिक व्यवस्था में केंद्रीय स्थान रखता है. ट्रायल से पहले की कैद को सज़ा नहीं माना जा सकता, लेकिन आज़ादी से वंचित करना मनमाना नहीं होना चाहिए. UAPA एक विशेष कानून है, जो ट्रायल से पहले जमानत देने की शर्तों को विधायी रूप से तय करता है.2020 में दिल्ली में दंगा भड़काने से जुड़े मामले में सभी को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट पहले भी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। सर्वोच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर 2025 को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।आरोपियों का कहना है कि वो पिछले 5 साल से सलाखों के पीछे कैद हैं। वहीं, दिल्ली में दंगा भड़काने को लेकर उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। इससे पहले 2 सितंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया था।




