BCI में घमासान, को-चेयरमैन ने चेयरमैन मनन मिश्रा से मांगा इस्तीफा; ₹150 करोड़ फंड समेत कई गंभीर आरोप






नई दिल्ली : बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में शीर्ष स्तर पर बड़ा विवाद सामने आया है। बीसीआई के को-चेयरमैन वाईआर सदाशिव रेड्डी ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को छह पन्नों का पत्र लिखकर उनसे पद छोड़ने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार रेड्डी ने मनन मिश्रा को इस्तीफा देने के लिए 15 दिन का समय दिया है और कहा है कि बार काउंसिल की गरिमा तथा संस्थागत स्तर बनाए रखने के लिए नेतृत्व में बदलाव जरूरी है। रेड्डी पिछले करीब एक दशक से मनन मिश्रा के साथ काम करते रहे हैं, ऐसे में उनके इस पत्र ने विवाद को और गंभीर बना दिया है।


सदाशिव रेड्डी ने अपने पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें करीब ₹150 करोड़ के फंड के कथित हेरफेर, काउंसिल के महत्वपूर्ण पदों पर रिश्तेदारों और परिचितों की नियुक्ति तथा संस्था के संचालन को निजी नियंत्रण की तरह चलाने के आरोप शामिल हैं। रेड्डी का आरोप है कि मनन मिश्रा के लगभग 14 साल के कार्यकाल के दौरान बीसीआई के कई महत्वपूर्ण पदों पर उनके नजदीकी लोगों को जगह मिली। उन्होंने नए वकीलों के साथ कथित दुर्व्यवहार और संस्थागत कामकाज की शैली पर भी सवाल उठाए हैं।
पत्र में NALSAR के छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया गया है। रेड्डी ने इसे गलत और कथित रूप से गैरकानूनी बताते हुए चेयरमैन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बार काउंसिल जैसी राष्ट्रीय संस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पेशेवर तरीके से चलाया जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने मनन मिश्रा से स्वेच्छा से पद छोड़ने की मांग की है।
फिलहाल ये सभी आरोप सदाशिव रेड्डी के पत्र और सामने आई रिपोर्ट पर आधारित हैं। ₹150 करोड़ के कथित फंड हेरफेर, नियुक्तियों और NALSAR से जुड़े आरोपों पर मनन मिश्रा या BCI की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी। आरोप लगना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है।


