उपेंद्र कुशवाहा के लिट्टी चोखा भोज में नहीं पहुंचे तीन विधायक, पार्टी में टूट की आशंका; बेटे को मंत्री बनाने से नाराजगी

0
Advertisements
Advertisements

बिहार: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के तीनों विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर आयोजित लिट्टी-चोखा भोज में शामिल नहीं हुए. तीनों विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है. बताया जा रहा है कि आरएलएम के तीनों विधायक पटना में मौजूद थे फिर भी वह उपेंद्र कुशवाहा के यहां लिट्टी-चोखा भोज में नहीं शामिल हुए.मुलाकात करने वालों में विधायक माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो हैं. मुलाकात की तस्वीर को रामेश्वर महतो ने बुधवार को ही अपने एक्स हैंडल से भी शेयर किया है. जो तस्वीर सामने आई है उसमें नितिन नबीन के दाहिने में रामेश्वर महतो हैं तो वहीं बाएं में माधव आनंद और पीछे में आलोक सिंह दिख रहे हैं. लिट्टी-चोखा भोज में तीनों विधायकों का शामिल न होना पार्टी के अंदर असहज स्थिति को इशारा कर रहा है.

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

रामेश्वर महतो ने मुलाकात वाली तस्वीरों को शेयर करते हुए एक्स पर लिखा है, “आज भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नबीन जी से उनके पदभार ग्रहण के उपरांत औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर मधुबनी विधानसभा के माननीय विधायक श्री माधव आनंद जी, दिनारा विधानसभा से माननीय विधायक श्री आलोक सिंह जी भी उपस्थित रहे. हम सभी ने उनके नए दायित्व के सफल एवं प्रभावी निर्वहन हेतु शुभेच्छाएं व्यक्त कीं.”
उपेंद्र कुशवाहा ने चुनाव बाद आखिरी समय में मास्टर स्ट्रोक चला था। उन्होंने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद की शपथ दिला दी। जबकि दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे।

See also  बंगाल चुनाव: अमित शाह का बड़ा दावा – टीएमसी में घुसपैठिए पालने वाले नेताओं को जमीन से उखाड़ेंगे

उपेंद्र कुशवाहा पहले से राज्यसभा के सांसद हैं। राजनीति से दूर रहने वाली पत्नी को इस बार सासाराम से विधायक बनवा दिया। यही कारण है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।इससे पहले पार्टी के भीतर लगातार बढ़ रहे बगावत को काबू करने के लिए उपेंद्र कुशवाहा ने 30 नवंबर को रालोमो की प्रदेश इकाई, सभी जिला इकाइयों और प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया था।

कोर कमेटी की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया था। पार्टी को चलाने के लिए पांच सदस्यीय संचालन समिति का गठन भी किया गया है।
कंप्यूटर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट दीपक प्रकाश फिलहाल किसी सदन (विधानसभा/विधान परिषद) के सदस्य नहीं हैं। अब मंत्री बने हैं तो उन्हें 6 महीने के अंदर किसी सदन का सदस्य बनना होगा, वरना मंत्री पद छोड़ना होगा।

सीनियर जर्नलिस्ट कुमार प्रबोध बताते हैं कि, ‘सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय विधायक बन गए हैं। पहले वह विधान परिषद के सदस्य थे। अब भाजपा कोटे से उनकी सीट खाली होगी। NDA की 243 में से 202 सीटों पर जीत से कुशवाहा को डर होगा कि कहीं भाजपा MLC पद से मुकर ना जाए। इसलिए उन्होंने बेटे को मंत्री बनाकर दांव चल दिया।’

Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed