सड़क और रेलवे ट्रैक दोनों पर दौड़ेगी ये ट्रेन,


जमालपुर: आने वाले दिनों में जमालपुर रेल कारखाने के दिन और देउसकर ने दी। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे जीएम ने कहा कि जमालपुर रेल कारखाना हर दिन नया कीर्ति मान बना रहा है। पहले यहां वर्ष में आठ हजार वैगन का रखरखाव होता था, अब उसकी संख्या बढ़कर 10 हजार कर दी गई है।सैलून से उतरने के बाद उन्होंने सबसे पहले स्टेशन परिसर के फुटओवर ब्रिज से रेल लाइन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने को लेकर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने डीजल शेड स्थित पीट लाइन पर चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया।उन्होंने अधिकारियों से कार्य प्रगति की बारीकी से जानकारी ली। महाप्रबंधक ने रेल इंजन कारखाना के विभिन्न शॉप का निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने डीजल हाइड्रोलिक रेल कम सड़क वैन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।हालांकि रेल कारखाना के अंदर क्रेन शॉप परिसर में इस नए 140 टन के बने क्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना था। इसके अलावा जमालपुर जैक नया बनाया गया था, जिसका उद्घाटन किया जाना था। लेकिन समय का अभाव रहने के कारण ना तो क्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और ना ही जैक का उद्घाटन किया गया।

इस कारण थोड़ी देर के लिए मशीन बनाने वाली कर्मियों में मायूसी देखी गई। इधर रेल कारखाना के अंदर पहली बार रेल कर्मियों के द्वारा बनाया गया रेल सह सड़क वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस वाहन में सबसे खास यह बात है कि यह ट्रेन रेल पटरी के अलावा सड़कों पर भी दौड़ सकती है, जिसके लिए टायर वाली चक्का के साथ-साथ रेल चक्का दोनों इसमें लगाया गया है।इस अद्भुत रेल से सड़क वाहन को देख रेल महाप्रबंधक भी अचंभित हुए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम ने कहा कि जमालपुर वर्कशॉप में सेक्सनवार कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप में एक हजार वैगनों के ‘प्योरिंग’ का लक्ष्य रखा गया है। वर्कशॉप के काम में तेजी के साथ कोच निर्माण और रख-रखाव की मांग भी बढ़ रही है।
जीएम ने कहा कि आने वाले समय में जमालपुर स्टेशन को ट्रेन स्टेब्लिशमेंट का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाएगा, जिसके लिए पीट लाइन और अन्य निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जमालपुर कारखाना का भविष्य उज्ज्वल है और यह पूर्व रेलवे के वैगन कार्यों का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है।उन्होंने बताया कि जमालपुर–भागलपुर के बीच कोच डिपो स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। कोच डिपो बनने से इस क्षेत्र में अधिक ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। जीएम के दौरे के बाद भागलपुर–किऊल रेलखंड पर तीसरी–चौथी लाइन, जमालपुर में दो नए प्लेटफार्म, तीसरी सुरंग, अमृत भारत योजना के तहत लंबित कार्य जैसे 12 मीटर चौड़ा एफओबी, ईस्ट कॉलोनी की ओर प्रवेश–निकास द्वार, कॉमर्शियल बिल्डिंग सहित कई अधूरी परियोजनाओं में तेजी की उम्मीद बढ़ गई है।



