मातृभाषा को राेजगार से जोड़ने की आवश्यक्ता : प्राचार्य डॉ अमर सिंह

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जमशेदपुर : शुक्रवार, 21 फरवरी को जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलज, जमशेदपुर के स्वामी विवेकांनद सभागार में हिंदी  एवं अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस* के अवसर पर *बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के प्राचार्य डॉ अमर सिंह , मुख्य वक्ता के रूप में अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष  डॉ० संजय यादव, अतिथि कवि के रूप में अहमद बद्र सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक, करीम सिटी कालेज, डॉ वसुंधरा राय, सहायक  प्राध्यापक, अंग्रेजी विभाग,  करीम सिटी कॉलेज, डॉ० लता मानकर प्रिर्यदशनी, प्राचार्य, एस एस अकादमी एवं गणेश चंद्र मुर्मू अध्यक्ष, आदिवासी  सामाजिक – शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संघ घाटशिला उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरूआत द्धीप प्रज्जवलन से किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ अमर सिंह ने कहा कि अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर मातृभाषा के विकास के साथ ही इसको रोजगार से जोड़ने की आवश्यक्ता है। डा संजय यादव अपने वक्तव्य में मातृभाषा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कविता सत्र की शुरुआत डॉ० लता मानकर प्रियदर्शनी ने की। हिंदी कविता का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होने ने सस्वर अपनी कविताए सुनाई।
कवि के रूप में डॉ० बसुधरा राय ने अंग्रेजी को भारतीय भाषा बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला और अपना कविता पाठ किया। गणेश चंद्र र्मुमू ने संथाली भाषा को सम्मान दिलाने की बात करते हुए अपने स्वरचित कविता सुनाया। इसके साथ ही लोक गीत गाया गया। कार्यक्रम के अंत में कवि अहमद बद्र ने उर्दु एवं हिंदी के अंतर को नकारते हुए अपनी गजलें सुनाई।कार्यक्रम का संचालन डा प्रियंका सिंह ने किया एवं कविता सत्र का संचालन संजय सोलोमन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा रूचिका तिवारी ने किया।  कार्यक्रम में डा नीता सिन्हा, डा अंतरा कुमारी, डा स्वाती सोरेन, डा शालिनी शर्मा, डा रवि शंकर प्रसाद सिंह, डा अशोक कुमार रवानी, के अलावा काफी संख्या में शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे।

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