संयुक्त ग्राम समन्वय समिति ने सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन परिसर में लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद किए जाने के विरोध में किया शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना प्रदर्शन


Saraikela : संयुक्त ग्राम समन्वय समिति जमशेदपुर के बैनर तले बुधवार को सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन परिसर में स्थानीय लोगों ने लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद किए जाने के विरोध में शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया. समिति ने साफ कहा कि यदि एक माह के भीतर सालगाझुड़ी में सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव पुनः शुरू नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में वे लोग कोलकाता स्थित जीएम कार्यालय का घेराव करने जाएंगे. धरना समाप्ति के बाद स्टेशन मास्टर सालगाझुड़ी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सात प्रमुख मांगें रखी गईं हैं— स्टेशन पर लोकल ट्रेनों का ठहराव बहाल करना, निर्माणाधीन अंडर ब्रिज को शीघ्र पूरा करना, टिकट बुकिंग काउंटर प्रारंभ करना, प्लेटफॉर्म निर्माण, संसाधनयुक्त विश्राम शेड की स्थापना, गोविंदपुर तक पहुंच पथ निर्माण तथा बारीगोड़ा रेलवे फाटक के पास ओवर ब्रिज का निर्माण शामिल है.
बताया गया कि सालगाझुड़ी स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन 26 फरवरी 2024 को किया गया था. स्टेशन की महत्ता इस कारण भी अधिक है क्योंकि लगभग 3 लाख की आबादी इस क्षेत्र पर निर्भर है. रोज़ाना हजारों दिहाड़ी मजदूर, सब्जी विक्रेता, पत्ता दतुवन बेचने वाले सहित आम यात्री इस स्टेशन से आवागमन करते थे. लेकिन अक्टूबर 2025 से अप एवं डाउन लाइन की सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद होने के कारण लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. समिति ने 25 नवंबर 2025 को CKP DRM को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन उनका जवाब असंतोषजनक रहा था. इसी के मद्देनजर 24 दिसंबर 2025 को यह धरना आयोजित किया गया. धरना में पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने चेतावनी दी कि यदि ठहराव बहाल नहीं हुआ तो आंदोलन को कोलकाता से दिल्ली तक ले जाया जाएगा. बीजेपी नेता रमेश हांसदा ने इसे गरीब विरोधी और रेल प्रशासन की मनमानी बताया. सीपीआई नेता अनुज ठाकुर ने आंदोलन में साथ देने की घोषणा की.
JMM नेता दुबराज नाग ने कहा कि 3 लाख आबादी वाले आदिवासी क्षेत्र के स्टेशन को बंद करना DRM का गलत निर्णय है. समाजसेवी बलदेव भुइयां ने 14 करोड़ रुपये की लागत से बने स्टेशन भवन की उपयोगिता पर सवाल उठाया. कांग्रेस नेता रामाकांत करूआ ने जनप्रतिनिधियों को सक्रिय होने की अपील की. कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक राम सिंह मुंडा ने की. संचालन पी.के. करूआ एवं बबलू करूआ ने संयुक्त रूप से किया और धन्यवाद ज्ञापन तुलसी महतो ने किया. धरना कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रकाश सांडील, रुद्र मुंडा, दिलीप सिंह महतो, दिलीप गुप्ता, नीलू मछुआ, दयानंद सिंह, राम प्रसाद जायसवाल, संजय मालाकार, सौरभ राहुल सिंह, अजय सिंह, सुमित शर्मा समेत सैकड़ों ग्रामीण और सामाजिक संगठन के सदस्य शामिल रहे. समापन में मुख्य संयोजक राम सिंह मुंडा ने कहा कि यदि रेल प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो रेल टेका जैसे कठोर आंदोलन भी किए जाएंगे.




