टाटानगर स्टेशन चौक से कीताडीह रोड तक स्थित लीजधारी दुकानों को तोड़ने का रेलवे का अभियान फिलहाल टल गया


Saraikela :जमशेदपुर में टाटानगर स्टेशन चौक से कीताडीह रोड तक स्थित लीजधारी दुकानों को तोड़ने का रेलवे का अभियान फिलहाल टल गया है. रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने 27 लीजधारी दुकानों को नोटिस जारी कर 3 जनवरी तक जमीन खाली करने का आदेश दिया था, जिसके बाद सोमवार को दुकानों को तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली गई थी. इसके लिए बागबेड़ा थाना और विधि-व्यवस्था डीएसपी को भी पत्र भेजा जा चुका था.
हालांकि, दुकानदारों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद रेलवे को अपना कदम कुछ दिनों के लिए रोकना पड़ा. नोटिस के खिलाफ कई दुकानदार हाईकोर्ट जाने की तैयारी में थे. इसी बीच दुकानदारों ने जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो से मुलाकात कर दुकान खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की.
सांसद विद्युत वरण महतो ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के महाप्रबंधक एके मिश्रा से फोन पर बातचीत की. उन्होंने खड़गपुर और हावड़ा की तर्ज पर लीजधारी दुकानदारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने का मुद्दा उठाया. सांसद और रेल जीएम के बीच हुई इस वार्ता के बाद चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय से फिलहाल दुकानों को नहीं तोड़ने का निर्देश जारी किया गया. दुकानदारों ने रेलवे के सहायक अभियंता (एईएन) और आरपीएफ को पत्र भेजकर दुकान खाली करने के लिए और समय देने की मांग की है. दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने मकर संक्रांति के बाद स्वेच्छा से दुकान खाली करने की सहमति दी है.
दुकानदारों के अनुसार, अब चक्रधरपुर के डीआरएम स्वयं टाटानगर पहुंचकर सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे. इसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा. दुकानदारों को उम्मीद है कि मकर संक्रांति के बाद ही दुकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी.
गौरतलब है कि रेलवे की टाटानगर स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत शुक्रवार को साउथ सेटलमेंट कॉलोनी की पांच दुकानों को भी नोटिस जारी किया गया था. फिलहाल, रेलवे की कार्रवाई टलने से लीजधारी दुकानदारों ने राहत की सांस ली है, लेकिन पुनर्वास और भविष्य की स्थिति को लेकर अनिश्चितता अभी बनी हुई है.




