कानून की चौखट पर “झार आयुर्वेद”
कंज्यूमर फोरम पहुंचा मामला, भ्रामक इलाज और अवैध दवाओं पर होगी सुनवाई

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जमशेदपुर / गम्हरिया :— गम्हरिया में “झार आयुर्वेद” के नाम से चल रहे संदिग्ध आयुर्वेदिक क्लिनिक का मामला अब कानून की चौखट तक पहुंच गया है। बिना रजिस्ट्रेशन, बिना लाइसेंस और बिना मानक दवाओं से इलाज किए जाने के आरोपों को लेकर कंज्यूमर फोरम में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत ऐसे समय में सामने आई है, जब इस क्लिनिक को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
कंज्यूमर फोरम में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्लिनिक में दी जा रही तथाकथित आयुर्वेदिक दवाओं पर MRP, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, दवा के घटक और निर्माता का नाम तक दर्ज नहीं है, जो उपभोक्ता संरक्षण कानून के स्पष्ट उल्लंघन के दायरे में आता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इलाज को लेकर बड़े-बड़े दावे कर मरीजों को गुमराह किया गया और उनसे मनमानी राशि वसूली गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले को लेकर पहले भी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण मजबूरन उपभोक्ता मंच का सहारा लेना पड़ा। कंज्यूमर फोरम में मामला दर्ज होने के बाद अब संबंधित क्लिनिक को नोटिस जारी किए जाने और जवाब तलब किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आरोप साबित होते हैं तो क्लिनिक पर आर्थिक दंड, सेवा पर रोक और प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक क्लिनिक तक सीमित न रहकर, स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और विभागीय जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करता है।
खबरों के बाद भी धंधा जारी रहने और विभागीय सुस्ती के आरोपों के बीच अब कंज्यूमर फोरम की दखल को अहम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कानून के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन जागेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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