सबसे पहले जनकपुरी गड्ढा हादसा देखने वाला चश्मदीद गिरफ्तार,


दिल्ली: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई की है. इस घटना को पहली बार देखने वाले मजदूर योगेश को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया है. हादसा 5 फरवरी की देर रात हुआ था, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना करीब 8 घंटे बाद मिली थी.राजेश कुमार प्रजापति 15 से 20 मिनट में त्रिनगर स्थित अपने घर से मौके पर पहुंचा. उसने भी गड्ढे में पड़े घायल युवक को देखा, लेकिन कथित तौर पर बिना किसी राहत या बचाव की व्यवस्था किए वहां से चला गया. प्रजापति को शनिवार को गिरफ्तार कर एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. जांच में सामने आया है कि प्रजापति ने उस रात 2 से 3 फोन कॉल किए थे, जिनसे संपर्क किया गया, उन सभी से पूछताछ की जाएगी. पुलिस अब उस मुख्य ठेकेदार की भी भूमिका की जांच कर रही है, जिसने प्रजापति को यह काम सौंपा था.कमल ध्यानी लगभग आठ घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा. सुबह करीब 8.03 बजे एक महिला ने, जो अपने बेटे को स्कूल छोड़ने जा रही थी, उसे देखा और पुलिस को सूचना दी. परिजनों के अनुसार, महिला ने पहले एक सुरक्षा गार्ड को बताया, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया. आसपास मौजूद लोग भी पुलिस को फोन करने से हिचकिचाते रहे, जिसके बाद महिला ने खुद पीसीआर कॉल की.
घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है. कमल ध्यानी की मौत पर कैंडल मार्च निकाला गया और जवाबदेही की मांग की गई. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को प्रदर्शन की कोशिश के दौरान कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया.




