ठंड ने दिखाया अपना तेवर,घने कोहरे व शीतलहर की चपेट में रहा सम्पूर्ण रोहतास,सूर्य का नहीं हो सका दीदार


सासाराम/बिक्रमगंज: मकर संक्रांति के आने में कुछ दिन अभी शेष रह गए है।इसके पूर्व ही ठंड के मौसम ने भी लोगो को अब अपना तेवर दिखाना तेजी से शुरू कर दिया है।सर्द हवाओं के साथ शीतलहर व नीले आसमान से धरती तक घने कोहरे भी छाने लगा है।शनिवार के अहले सुबह से देर शाम तक ठंड का प्रकोप तेज रहा।पूरे दिन लोगों ने सूर्य का दीदार करने से वंचित रहे।तापमान का पारा लुढ़कने से घने कोहरे वो शीतलहर की चादर में शहर और गांव लिपटा रहा।जिसका व्यापक असर भी लोगो मे देखने को मिला।ठंड के साथ कनकनी बढ़ने से लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने के अलावा आग से लिपटे नजर आए। घरों की बालकनी व छतों पर कोहरे के साथ सेल्फी भी ली। इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया। कई लोगों ने हैप्पी फॉग का मैसेज भी व्हाट्सएप पर किया।कड़ाके की ठंड व कनकनी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ठंडी हवाओं व कुहासे के कारण शनिवार को लोग घर में दुबके रहे। शाम ढलते ही सड़क पर इक्के-दुक्के लोग ही नजर आ रहे थे। पछुवा हवा चलने के कारण कंपकंपी वाली ठंड बढ़ गई है। ठंड के कारण लोग विलंब से उठने लगे हैं। शाम ढलने से पहले घर लौट रहे हैं। पिछले दो-तीन दिनों से पछुआ हवा चलने से मौसम का मिजाज बदल गया।
बिक्रमगंज/ रोहतास । बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र में शनिवार को शीतलहर और सर्द हवा के कारण गलन बढ़ गई है । हाड कंपा देने वाली ठंड से मनुष्य के साथ-साथ पशु पक्षी भी प्रभावित हुए हैं। न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमानों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने और धुंध के कारण लोगों की दिन चर्चा प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने तापमान में गिरावट की चेतावनी जारी की है न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में स्पष्ट दिख रहा है पिछले एक सप्ताह से अनुमंडल क्षेत्र में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी बदल छंटने के साथ शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है । जिससे तापमान में लगातार गिरावट आ रही है पिछले चार दिनों से दोपहर बाद निकलने वाली धूप भी सर्द हवा के आगे बेअसर साबित हो रही है । शुक्रवार देर शाम से आसमान में बादल छाए रहने के कारण शनिवार को धूप नहीं निकला।कृषि विज्ञान बिक्रमगंज के प्रधान सह वरीय वैज्ञानिक आर .के . जलज ने बताया कि तापमान में गिरावट गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है हालांकि आलू ,दलहन और तिलहन की फसलों को नुकसान पहुंचाने की आशंका है। पिछले एक सप्ताह से बादलों के छाए रहने से लाही का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे सरसों और अलसी की फसले प्रभावित हो रही है।ठंड से बचाव के लिए गरीब और कमजोर वर्ग के लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर है पर्याप्त अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों में नाराजगी है । इस संबंध में बिक्रमगंज के एसडीएम प्रभात कुमार ने बताया कि सभी प्रखंडों में अलाव की व्यवस्था की गई है और गरीबों के बीच कंबल भी वितरित की जा रही है।




