पार्टी के संस्थापक का ऐसा अपमान? कोल्हान में भाजपा नेताओं ने शर्मनाक इतिहास रच दिया – ना माला, ना सम्मान, बस दिखावा!, स्थिति देख भड़क उठे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह…

0
Advertisements
Advertisements

आदित्यपुर/जमशेदपुर :- जिस डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर की एकता और भारत के संविधान की अखंडता के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, आज उन्हीं की पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं ने जो किया, वो न केवल अपमानजनक है बल्कि शर्मनाक भी है। सरायकेला-खरसावां में भाजपाइयों ने एक मजदूर की साइकिल पर फोटो रखकर बलिदान दिवस मनाया, और जमशेदपुर में तो मानो इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक लापरवाही हो गई।

जमशेदपुर महानगर भाजपा कार्यालय में पुण्यतिथि पर ना कोई पुष्पमाला, ना कोई तैयारी। केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को बुलाया तो गया कार्यक्रम के लिए, लेकिन वहां मौजूद भाजपाई पुष्पगुच्छ और शॉल ओढ़ाने की होड़ में लगे थे — कार्यक्रम गया भाड़ में! मंत्री ने जैसे ही पूछा, “डॉ मुखर्जी की तस्वीर कहां है?” सब एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। फिर पीछे के कमरे से जैसे-तैसे तस्वीर लाई गई, लेकिन फूल माला तो जैसे इन नेताओं के एजेंडे में ही नहीं था। ये दृश्य देख गिरिराज सिंह का पारा चढ़ गया, उन्होंने दो टूक कहा — “ये बलिदान दिवस है या मेरा स्वागत समारोह?” और भाजपा कार्यालय से निकल गए बिना कुछ कहे, सीधे नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन कार्यक्रम में।

और क्या कहें सरायकेला के भाजपाइयों की हालत? तस्वीर देखकर शर्म भी शर्मा जाए — एक मजदूर की साइकिल पर बंधी तस्वीर, और उस पर दो सूखे फूल रखकर फोटो खिंचवा दिया गया जैसे कोई रस्मअदायगी कर रहे हों। सोशल मीडिया पर अब यह फोटो वायरल हो चुका है, और जनता पूछ रही है — “क्या यही है भाजपा का राष्ट्रवाद? क्या यहीं है उनके विचार पुरुषों के लिए श्रद्धा?”

जिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश, एक संविधान’ का नारा दिया, जिनकी शहादत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जे से मुक्ति दिलाने की लड़ाई को जन्म दिया, उन्हीं के साथ उनकी अपनी पार्टी के कार्यकर्ता ऐसा खिलवाड़ करें तो फिर किस पर भरोसा किया जाए?

लोक आलोक न्यूज़ की बेबाक आवाज़ पूछ रही है —
क्या भाजपा को अपने मूल सिद्धांत और मूल पुरुष याद रह गए हैं? क्या अब सब कुछ फोटो सेशन और नेता पूजा तक सीमित रह गया है?  क्या श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करना पार्टी के एजेंडे में अब ‘अनिवार्य’ नहीं रहा?

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed