संकट मोचन संगीत समिति की मासिक सांस्कृतिक बैठकी में विद्यार्थियों ने बिखेरा सुरों का जादू

जमशेदपुर : संकट मोचन संगीत समिति द्वारा दिनांक 29 सितंबर मंगलवार को आयोजित मासिक बैठकी संध्या के अवसर पर नाद संगीत धरोहर कार्यक्रम के अंतर्गत संगीत सिखने वाले विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया। श्री आर.डी.द्विवेदी अखाड़ा बिष्टुपुर स्थित श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत नवोदित विद्यार्थियों ने भजन गायन एवं शास्त्रीय गायन के साथ-साथ तबला वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी।पूरा वातावरण भक्तिमय एवं संगीतमय हो उठा।गुरु बीरेन्द्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय आर.डी.द्विवेदी बाबा और गुरु श्री दयानाथ उपाध्याय के संरक्षण में सन 1989 से प्रारंभ संगीत बैठकी कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संगीत परंपरा को सहेजने के साथ-साथ संगीत के माध्यम से भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करने, गुरु शिष्य परंपरा को मजबूत बनाने तथा नवोदित कलाकारों को मंच प्रदान करने की पहल की जा रही है। विद्यार्थियों में संगीत के प्रति रुचि अनुशासन एवं आत्मविश्वास विकसित करने के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय एवं भक्ति संगीत की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अनुभवी संगीतज्ञों के मार्गदर्शन में अपनी कला को निखारने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम में सर्व प्रथम सूरज ने तबले पर स्वतंत्र वादन प्रस्तुत कर अपनी लयकारी एवं ताल की समझ का परिचय दिया फिर अंशु कुमारी और वैष्णवी ओझा ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर किया। अनिमिषा ने मधुर गायन से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया वही बावला सिंह भाविका और सुमोना चौधरी ने भजनों की सुंदर प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया फिर अंजनी मिश्रा ने तबला वादन से वाहवाही बटोरी। नीलकांत मोदी,सोमी चौधरी, सुमित,हृतिक सिंह कपूर, दीपा शर्मा और रवि रविदास ने सिंथेसाइजर पर संगत के साथ-साथ भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की।प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के साथ तबला पर अनुज चौधरी एवं ओक्डो पैड पर विश्वजीत शाहा ने सुंदर संगत किया।सभी विद्यार्थियों ने अपनी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से संगीत के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास का परिचय दिया। संगीत गुरु श्री मिहिर बेनर्जी ने अपने वक्तव्य म् कहा कि नाद संगीत धरोहर जैसी पहल के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और संगीत की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सभी कलाकारों को संगीत गुणीजन एवं उपस्थित अभिभावकगण श्री मिहिर बनर्जी, श्री दयनाथ उपाध्याय,श्री किशोर दुबे, श्री सत्य प्रकाश तिवारी,श्री पंकज झा, श्रीमती अर्चना प्रसाद गुप्ता, श्रीमती बबीता देवी, रिंकी मल्लिक, राजेश ठाकुर, जितेश सहाय एवं राजेश रविदास द्वारा अंग वस्त्र पहनकर सम्मानित किया गया।मंच संचालन की भुमिका अंजनी मिश्रा ने निभाई।इस कार्यक्रम का समापन हनुमान चालीसा पाठ से किया गया।


