श्रीनगर की सड़कों पर खामेनेई की मौत पर शोक और विरोध, लोग बोले– ‘ये करबला की तरह दर्दनाक पल है’


श्रीनगर : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में गहरा असर डाला। शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और खामेनेई के लिए शोक जताया। कई जगहों पर लोगों ने इस घटना को करबला की तरह दर्दनाक बताया।जानकारी के अनुसार, खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही हजारों लोगों ने लाल चौक, घंटाघर और पुरानी कश्मीरी बाजारों में इकट्ठा होकर उसके चित्र और ईरानी झंडे लेकर शोक जताया। उन्होंने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भी मुर्दाबाद के नारे नहीं लगाए लेकिन कई बार शोक में छाती पीटते और करबला का जिक्र करते हुए भावनाएँ व्यक्त कीं। कुछ लोगों ने कहा कि यह क्षति सिर्फ शिया समुदाय के लिए नहीं, बल्कि व्यापक मुस्लिम दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।

स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाल चौक समेत कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा जवानों की तैनाती बढ़ा दी है। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं की गति भी कम की गई और स्कूल-कॉलेज को दो दिन के लिए बंद रखा गया है। सरकार ने लोगों से शांति रखने और संयम से काम लेने की अपील की है। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समुदायों से शांतिपूर्वक व्यवहार करने का आग्रह है, ताकि स्थिति अप्रिय न बने।खामेनेई की मौत पर भारत के कुछ हिस्सों में भी शोक और विरोध देखने को मिला, जिसमें कई शहरों में लोग एकत्रित हुए और वैश्विक राजनीति तथा मध्य पूर्व के संघर्ष को लेकर भी अपनी चिंता जताई।



