दस महाविद्या काली मंदिर में पौष अमावस्या पर भक्तों के कल्याण हेतु हुई विशेष पूजा अर्चना, भक्तों ने मांगी मन्नत


Saraikela: आदित्यपुर 2 एलआईजी स्थित दस महाविद्या काली मंदिर में बीती रात पौष अमावस्या के मौके पर भक्तों के कल्याण हेतु मां काली की विशेष पूजा अर्चना की गई. जानकारी देते हुए मंदिर के पुजारी पंडित ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार मिश्रा कौंडिल्य ने बताया कि इस दौरान श्रद्धालु भक्तों ने मन्नत मांगी जो निश्चित रूप से मां काली की कृपा से पूर्ण होगी. उन्होंने बताया कि
अमावस्या पर मां काली की पूजा अंधकार पर विजय, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और आध्यात्मिक शक्ति पाने के लिए की जाती है. क्योंकि यह रात शक्ति का प्रतीक है. इस दिन शुद्ध मन से स्नान कर, लाल वस्त्र पहन, काली मां की मूर्ति स्थापित कर, गुड़हल के फूल, चंदन, मिठाई (जैसे खीर, खिचड़ी) का भोग लगाकर, मंत्र जाप (जैसे ‘ॐ क्रीं कालिकायै नमः’) और आरती के साथ पूजा की जाती है. विशेषकर रात के समय यह पूजा अत्यंत फलदायी होती है.
* अमावस्या पर काली पूजा का महत्व-
अंधकार पर विजय : अमावस्या की काली रात में मां काली की पूजा अंधकार पर प्रकाश और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की जीत का प्रतीक है. जैसा कि पौराणिक कथाओं में रक्तबीज राक्षस का वध करने से जुड़ा है.
* नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति:
यह पूजा भय, संकट और बुरी शक्तियों को दूर करती है, जिससे मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति मिलती है. यह विशेष रूप से साधना और तंत्र-मंत्र सिद्धियों के लिए एक शक्तिशाली समय माना जाता है.




