श्री प्रेम रावत को तेलंगाना के राज्यपाल ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ की उपाधि से सम्मानित किया


हैदराबाद :- डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के 26वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को भवन्नम वेंकट रम सभागार में तेलंगाना के माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री जिष्णु देव वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ता, लेखक और शांति दूत श्री प्रेम रावत को ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ की उपाधि से सम्मानित किया। “एजुकेशन फॉर ऑल” के अपने आदर्श के अनुरूप विश्वविद्यालय समाज के सभी वर्गों तक उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने और बदलती हुई व्यक्तिगत व सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री जिष्णु देव वर्मा, मुख्य अतिथि प्रो. उमा कंजिलाल, कुलपति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय ओपन विश्वविद्यालय, प्रो. घंटा चक्रपाणि, कुलपति, तेलुगु साहित्य के ख्यातिप्राप्त कवि श्री गोरटी वेंकन्ना सहित विश्वविद्यालय के डीन, प्राध्यापक, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित थे। विश्वविद्यालय ने श्री प्रेम रावत के जीवनभर शांति के प्रति प्रयासों की सराहना करते हुए उनके योगदान को “अतुलनीय और अनुपम” बताया। सम्मान-पत्र में उल्लेख किया गया कि उन्होंने अपनी पुस्तकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, डिजिटल सामग्री और संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संसद, हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, आईआईएम अहमदाबाद, आईआईटी दिल्ली तथा अनेक अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दिए गए व्याख्यानों के माध्यम से लाखों लोगों को अपनी आंतरिक शक्ति खोजने और जीवन में संतुष्टि के लिए प्रेरित किया है। उनका शांति शिक्षा कार्यक्रम (PEP), जो उनके अंतरराष्ट्रीय व्याख्यानों पर आधारित है, आज विश्वभर के 1,500 शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से चल रहा है और अब तक 5,17,000 से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त यह कार्यक्रम 80 देशों की 890 से अधिक जेलों में भी संचालित हो रहा है, जिनमें तेलंगाना राज्य की जेलें भी शामिल हैं। यह कार्यक्रम 40 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और कैदियों में पुनः अपराध करने की प्रवृत्ति को कम करने में सहायक सिद्ध हुआ है। हाल ही में उनकी फाउंडेशन ने PEP EDU लॉन्च किया है, जो शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा-विशेषज्ञों के लिए विशेष रूप से बनाया गया है। फाउंडेशन ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत यह कोर्स ‘स्वयम प्लस पोर्टल’ (SWAYAM Plus Portal) – जो सबसे बड़े ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्मों में से एक है – पर उपलब्ध कराया गया है। उनकी न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर किताब ‘हीअर योरसेल्फ’ (Hear Yourself: How to Find Peace in a Noisy World) का 18 भाषाओं में अनुवाद किया गया है। इसका अरबी भाषा संस्करण दुबई में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में लॉन्च किया गया, जिसने वैश्विक मीडिया का ध्यान आकर्षित किया। केवल वर्ष 2023 में ही उन्होंने टेलीविज़न, रेडियो और प्रिंट मीडिया के माध्यम से 775 मिलियन से अधिक लोगों तक अपनी बात पहुंचाई। मानवीय कार्यों के अलावा श्री प्रेम रावत एक कुशल पायलट (15,000 घंटों की उड़ान) हैं तथा संगीत, कला और फोटोग्राफी में भी रुचि रखते हैं। अपने संबोधन में श्री प्रेम रावत ने तेलंगाना के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री जिष्णु देव वर्मा, कुलपति प्रो. घंटा चक्रपाणि, तथा विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “ऐसे शिक्षण संस्थान छात्रों के लिए नए द्वार खोलते हैं और उन्हें वे साधन और अवसर प्रदान करते हैं, जिनसे वे जीवन में अपनी इच्छा अनुसार आगे बढ़ सकें। विशेषकर वंचित वर्गों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए ये अवसर जीवन-परिवर्तनकारी साबित होते हैं। इस संस्थान का एक छोटा सा हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। अपनी ओर से, मैं भी द्वार खोलने की कोशिश करता हूं—व्यापार या बाहरी खोज के लिए नहीं, बल्कि अंदर की खोज के लिए: शांति और आंतरिक क्षमता के लिए। एक प्रकार से हम दोनों का एक ही अतुल्य ध्येय है।” श्री प्रेम रावत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित वक्ता, न्यूयॉर्क टाइम्स के बेस्टसेलिंग लेखक, शिक्षक और शांति-दूत हैं। पाँच दशकों से अधिक समय से उनका शांति संदेश 110 से अधिक देशों में लाखों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने 2023-2025 के बीच तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए — सबसे बड़ा पुस्तक-पाठ (Hear Yourself – 1,14,704 प्रतिभागी), सबसे बड़ा व्याख्यान श्रोता समूह (3,75,603 प्रतिभागी) और सबसे बड़ा बहु-लेखक पुस्तक-पाठ (1,33,234 प्रतिभागी)। उन्हें दुनिया के 20 से अधिक शहरों की “कुंजी” से सम्मानित किया गया है। 2012 में उन्हें एशिया पैसिफिक ब्रांड लॉरिएट लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्राप्त हुआ, जिसकी सूची में नेल्सन मंडेला और स्टीव जॉब्स जैसे महान व्यक्तित्व भी शामिल हैं। उनकी मानवीय संस्था, द प्रेम रावत फाउंडेशन (TPRF), भोजन, जल और शांति जैसे मूलभूत मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रयासरत है। इसकी प्रमुख पहल ‘जन भोजन कार्यक्रम’ (Food for People) भारत, नेपाल, घाना और दक्षिण अफ्रीका में हर वर्ष लाखों पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराती है। यह संस्था भारत सहित पाँच महाद्वीपों में पोषण, शिक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है।




