Shravani Mela 2025: देवघर में 5 जुलाई तक पूरी होगी तैयारी, श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा


देवघर :- बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में श्रावणी मेले 2025 की भव्य तैयारी अंतिम चरण में है और जिला प्रशासन ने दावा किया है कि 5 जुलाई तक समस्त व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी, इस बार अनुमानित 1 करोड़ से अधिक कांवरियों के आगमन की संभावना के मद्देनज़र सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहद आधुनिक और सुव्यवस्थित ढंग से तैयार किया जा रहा है, उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष पूरे मेले क्षेत्र को हाईटेक सीसीटीवी निगरानी में रखा जाएगा, इसके साथ ही बाबा मंदिर परिसर से लेकर सुलतानगंज तक का कांवर पथ बेहतर रोशनी, शुद्ध पेयजल, मोबाइल टॉयलेट, और मेडिकल सहायता केंद्रों से सुसज्जित रहेगा, रेल प्रशासन ने भी विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है जिससे बिहार, बंगाल, यूपी और झारखंड के विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में असुविधा न हो, बाबा मंदिर परिसर में QR-कोड आधारित दर्शन व्यवस्था, मोबाइल ऐप, और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए AI आधारित सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिला प्रशासन के अनुसार मेले की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गृह रक्षा बल, NDRF, RAF और स्थानीय पुलिस की 5000 से अधिक जवानों की तैनाती की जा रही है, कांवरियों के रुकने के लिए बनाए गए विश्राम गृहों, स्कूलों और पंडालों में साफ-सफाई, बिजली और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, खास बात यह है कि इस बार बाबा मंदिर के गर्भगृह में डिजिटल कतार व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को अधिक समय तक लाइन में खड़ा न रहना पड़े, साथ ही लगातार बारिश और भीड़ को देखते हुए कई वैकल्पिक रास्ते और आपात निकासी योजनाएं भी बनाई गई हैं, झारखंड सरकार ने इस पवित्र आयोजन को राज्य की धार्मिक पर्यटन पहचान से जोड़ते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बाबा नगरी के होटल, धर्मशालाएं, स्थानीय व्यापारी और स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुट चुकी हैं, देवघर जिला प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं, सरकार द्वारा जारी ऐप और हेल्पलाइन का उपयोग करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, कुल मिलाकर श्रावणी मेला 2025 एक बार फिर आस्था, तकनीक और प्रशासनिक समन्वय का अद्भुत संगम बनने जा रहा है जहां ‘बोल बम’ की गूंज के साथ बाबा नगरी श्रद्धा और व्यवस्था का संदेश देशभर को देगी।




