शी मैटर्स: यौन स्वास्थ्य जागरूकता से महिला सशक्तिकरण पर एनआईटी में कार्यशाला


Saraikela : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने डॉ. जयेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में “शी मैटर्स – वुमन्स हेल्थ एंड चैलेंजेज: अ होलिस्टिक अप्रोच” कार्यशाला का सफल आयोजन किया. इसका उद्देश्य सामाजिक वर्जनाओं (टैबू) को मिटाकर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था. इस कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीन एसडब्ल्यू) डॉ. राकेश प्रताप सिंह और सह-छात्र कल्याण अधिष्ठाता (एसोसिएट डीन एसडब्ल्यू) पोलामी मांझी की उपस्थिति रही. एमटीएमसी जमशेदपुर की विशेषज्ञ डॉ. जरीना बेगम और डॉ. स्वाति शिखा ने सभी तकनीकी सत्रों का सफल मार्गदर्शन किया.
कार्यशाला को मुख्य रूप से चार प्रभावशाली सत्रों में बांटा गया था जिसमें मासिक धर्म स्वच्छता (मेंस्ट्रुअल हाइजीन एंड हेल्थ): शरीर विज्ञान और स्वच्छता के सही तरीकों की जानकारी, प्रजनन स्वायत्तता (रिप्रोडक्टिव ऑटोनॉमी): गर्भनिरोधक के प्रति जागरूकता और संक्रमण (आरटीआई तथा एसटीआई) की रोकथाम, मनोसामाजिक कल्याण (साइकोसोशल वेल-बीइंग): शारीरिक छवि (बॉडी इमेज), सहमति (कंसेंट) और डिजिटल सुरक्षा पर चर्चा, और कैंसर निवारण (ऑन्कोलॉजिकल प्रिवेंशन): सर्वाइकल व स्तन कैंसर की समय रहते पहचान और खुद से जांच (सेल्फ-एग्जामिनेशन) करने की तकनीकें शामिल रही. इन सत्रों के अलावा, एक खुला प्रश्नोत्तर सत्र (ओपन क्यू एंड ए) भी आयोजित हुआ जहाँ विशेषज्ञों ने शंकाओं का समाधान किया. साथ ही जागरूकता सामग्री बांटी गई और सभी ने महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का सामूहिक संकल्प (कलेक्टिव प्लेज) लिया.
“शी मैटर्स” एनआईटी जमशेदपुर की एनएसएस इकाई का एक उत्कृष्ट प्रयास है, जो यह साबित करता है कि सही जागरूकता और ज्ञान ही महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण और सुरक्षा है.




