हटाए गए हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर, ओपी सिंह बने कार्यवाहक पुलिस प्रमुख


हरियाणा: हरियाणा सरकार ने आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर चल रहे विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. रविवार (14 दिसंबर) को सरकार ने आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद से कार्यमुक्त कर दिया. इससे पहले इसी मामले के चलते कपूर को दो महीने की छुट्टी पर भेजा गया था. सरकार के इस फैसले को पुलिस महकमे में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.शत्रुजीत कपूर की गैरमौजूदगी में पहले से ही अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया है.

सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ओपी सिंह फिलहाल हरियाणा पुलिस बल के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी निभाएंगे. उनके सामने राज्य की कानून-व्यवस्था को संभालने की बड़ी चुनौती होगी.हरियाणा सरकार जल्द ही नए स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकती है. इसके लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक सूची संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजे जाने की संभावना है.1992 बैच के आइपीएस अधिकारी ओपी सिंह हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक और एफएसएल मधुबन के निदेशक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें अब कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक का दायित्व भी सौंपा गया है।
1990 बैच के आइपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर जब राज्य के पुलिस महानिदेशक बने थे, तब उन्हें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन पद का प्रभार भी सौंपा गया था, जिस पर उनकी सेवाएं अब जारी रखी गई हैं। डीजीपी रैंक के आइपीएस अधिकारी आलोक कुमार मित्तल हरियाणा पुलिस आवास निगम के प्रबंध निदेशक हैं।हरियाणा के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक बनाए गए ओपी सिंह की रिटायरमेंट इसी साल 31 दिसंबर को है। उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिल पाया है।
शत्रुजीत कपूर की रिटायरमेंट 31 अक्टूबर 2026 को है। शत्रुजीत कपूर की नई जिम्मेदारी तय करने के बाद राज्य सरकार अब हरियाणा के नये पुलिस महानिदेशक पद के लिए आइपीएस अधिकारियों का पैनल भेज सकेगी।
पहले राज्य सरकार ने यह पैनल भेजा था, जिसमें शत्रुजीत कपूर का नाम भी शामिल था, लेकिन केंद्रीय लोक सेवा आयोग ने पैनल यह कहते हुए लौटा दिया था कि शत्रुजीत कपूर अभी राज्य के पुलिस महानिदेशक हैं। राज्य सरकार को पहले उनकी पोस्टिंग पर फैसला लेना होगा, जिसके बाद नया पैनल भेजा जाए।हरियाणा के आइपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या से जुड़े मामले में 15 रिटायर्ड व मौजूदा आइएएस व आइपीएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इन सभी से चंडीगढ़ पुलिस की एसआइटी पूछताछ कर रही है।अभी तक आधा दर्जन अधिकारियों से पूछताछ हुई है, लेकिन अगर इस पूरे केस में प्रभावित हुए तो वह शत्रुजीत कपूर हैं, क्योंकि रोहतक के तत्कालीन एसपी नरेंद्र बिजरानिया को छोड़कर बाकी किसी भी अधिकारी पर कोई गाज नहीं गिरी है।



