बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले से भड़के रामभद्राचार्य


Delhi: पड़ोसी देश बांग्लादेश में बीते कुछ दिनों से भीषण हिंसक प्रदर्शन का दौर जारी है. इस हिंसा में सबसे ज्यादा निशाना वहां रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं पर साधा जा रहा है. बीते दिनों वहां एक हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीट कर मार दिया. फिर उसके लाश को बीच चौराहे पर नंगे कर जला दिया गया. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा का असर भारत पर भी देखने को मिला है. भारत में कई जगहों पर इन घटनाओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच जगतगुरु पद्मविभूषण रामभद्राचार्य ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा पर बेबाक टिप्पणी की है. रामभद्राचार्य ने कहा कि इस अत्याचार का बर्बरतापूर्वक बदला लेना चाहिए. जगतगुरु रामभद्राचार्य ने क्या कुछ कहा, जानिए सवाल-जवाब की शक्ल में
प्रश्न: बांगलादेश में हिंदुओं पर अत्याचार जारी है. हिंदू युवा को जिंदा जलाया गया.

उत्तर: इसकी कठोर प्रतिक्रिया होनी चाहिए. सब हिंदुओं को मिलकर इसका सामना करना चाहिए.
प्रश्न : ये कब तक जारी रहेगा.
उत्तर : उसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता. अब प्रतिकार के अलावा कोई विकल्प हमारे पास नहीं है.
प्रश्न : इस मामले में देश की सरकार से क्या उम्मीद है?
उत्तर : देश की सरकार से मुझे आशा है कि कुछ करेगी.
प्रश्न : पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद बनवा रहें हैं.
उत्तर : वो संभव नहीं है. और ना ही हम बनाने देंगे.
प्रश्न : इंद्रेश जी ने कहा कि आज के यादव ये कृष्णवंशी नहीं.
उत्तर : मैं इंद्रेश की बात पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. जाने दीजिए.
प्रश्न : यूपी में ब्राह्मण विधायक अलग बैठक कर रहे, उनका कहना है कि उनकी आवाज दबाई जा रही है.
उत्तर : हां, करना चाहिए.
प्रश्न : आपको लगता है कि ऐसा हो रहा है
उत्तर : अच्छा हो रहा है.
प्रश्न : हिंदुओं के बच्चे ज्यादा हो ऐसे बयान आते हैं
उत्तर : हां इतने अल्प भी नहीं होने चाहिए. एक दो बच्चे होते हैं, एक्सीडेंट हो जाए, अनाथ हो जाते हैं. तीन चार तो होने ही चाहिए.
प्रश्न : प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि सौ महिलाओं में तीन चार ही शुद्ध होती हैं.
उत्तर : नहीं-नहीं, गलत बात. महिलाओं की शुद्धि पर टिप्पणी करने का हमे कोई हक नहीं. महिलाओं पर इस तरह अभद्र टिप्पणी हमको नहीं करना चाहिए. मैं तो नहीं करता.



