राजस्थान में बारिश और ओले ने बिगाड़ा खेती का गणित,

0
Advertisements
Advertisements

राजस्थान : राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए डरावना रुख अपनाया हुआ है. जनवरी में झमाझम बरसने के बाद फरवरी में भी बादलों के गरजने और बरसने का सिलसिला जारी है. साथ ही सक्रिय हुए दो बैक-टू-बैक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने प्रदेश के लोगों का जनजीवन परेशानी में लाकर खड़ा कर दिया है. हालात यह है कि राज्य के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है, जिससे खेतों में खड़ी रबी के साथ- साथ अन्य फसलें पूरी तरह चौपट होने की कगार पर हैं. मौसम विभाग ने मंगलवार यानी आज 15 जिलों के लिए बारिश और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है, जिससे जयपुर, अजमेर और भरतपुर डिवीजन के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ओले गिरने की उम्मीद है.पिछले 24 घंटों के दौरान कोटा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई. ओलों की सफेद चादर ने खेतों को ढक लिया है, जिससे गेहूं, सरसों और चने की फसलों के आड़े होने का व्यापक नुकसान पहुंचा है. इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे छाने लगी है. बीते सोमवार को चित्तौड़गढ़ के भैंसरोडगढ़ में सबसे अधिक 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. किसानों का मानना है कि इस समय बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होती है लेकिन ओलों के साथ गिरना उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेरना है.एक तरफ जहां बारिश और ओलों ने फसलों पर नजर लगाई है तो वही दूसरी ओर प्रदेश में कोहरे का भी असर देखने को मिल रहा है. मंगलवार सुबह सीकर, नागौर, टोंक और करौली जैसे जिलों में विजिबिलिटी न के बराबर रही. जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए. लोगों को सुबह काम पर पहुंचने पर खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा. वही इन सभी को देखते हुए मौसम विभाग ने आज यानी मंगलवार को जयपुर, अलवर, भरतपुर और झुंझुनूं सहित15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है.मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, राहत के आसार नहीं हैं. ताजा अपडेट के मुताबिक तीन घंटों के लिए बारां और झालावाड़ जिलों के आसापास हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है. इसके कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है, जिससे प्रदेश में’कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी रहेगी.

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed