RJD नेतृत्व पर सवाल: अगर लालू-राबड़ी-तेजस्वी समेत परिवार दोषी ठहराए गए तो कौन संभालेगा पार्टी?


पटना : राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal, RJD) के लिए एक बड़ा नेतृत्व संकट की संभावना उत्पन्न हो गई है, क्योंकि दिल्ली की एक अदालत ने लैंड-फॉर-जॉब घोटाले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और दूसरों पर आरोप तय कर दिए हैं। इन आरोपों में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों का समावेश है, और यदि कोर्ट भविष्य में इन्हें दोषी ठहराती है तो राजनीतिक अनुशासन के नियमों के तहत ये सभी चुनाव लड़ने योग्य नहीं रहेंगे।

वर्तमान में RJD का नेतृत्व मुख्य रूप से तेजस्वी यादव के हाथ में है, जिन्होंने पार्टी को मुख्य विपक्षी भूमिका दी है और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी पार्टी की नीति-निर्धारण में अग्रणी भूमिका निभाई थी।
अगर अदालत ने आरोपियों को दोषी मान लिया और उन्हें सजा दी गई (विशेषकर दो वर्ष या अधिक), तो भारत के चुनाव कानूनों के अनुसार उन्हें चुनाव लड़ने की पात्रता नहीं मिलेगी और वह पद धारण नहीं कर पाएंगे। ऐसे हालात में RJD के पास कई सम्भावित विकल्प हैं:
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पार्टी का नेतृत्व तेजस्वी यादव के बाहर किसी वरिष्ठ नेता या प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा जा सकता है।
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दूसरी पीढ़ी से कोई दूसरा नेता जैसे रोहिणी आचार्य या तेजस्वी की पत्नी राजश्री यादव को आगे लाया जा सकता है।
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पार्टी संगठनात्मक नेतृत्व में बदलाव कर अन्य अनुभवी कार्यकर्ताओं को मजबूती से आगे कर सकती है, ताकि नेतृत्व अंतराल को भरा जा सके।
हालांकि, तेज प्रताप यादव वर्तमान में अपने राजनीतिक पथ पर अलग पहचान बना रहे हैं और वे RJD से अलग भी रास्ता अपनाते दिख रहे हैं, जिससे पारिवारिक एकता पर भी प्रभाव देखा जाता है।
अभी तक RJD ने इस संभावित नेतृत्व बदलाव पर आधिकारिक रूप से कोई विवरण नहीं दिया है। पार्टी के सामने यह चुनौती है कि अगर शीर्ष नेतृत्व दोषी ठहरा दिए जाते हैं, तो वह कौन-सा चेहरा जनता के सामने नेतृत्व के लिए पेश करेगी। यह सवाल विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी की स्थिति 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती पर सवालों से जूझ रही है।



