जमशेदपुर में 5.30 घंटे रहेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,NIT के 15वें दीक्षांत में होंगी शामिल,


झारखंड: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय झारखंड दौरे पर रविवार को रांची पहुंचीं। उनका विशेष विमान शाम 6:05 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पर पहुंचा। यहां राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने उनकी अगुवानी की।यहां से वे बिरसा चौक-अरगोड़ा होते हुए शाम 6:30 बजे लोकभवन पहुंचीं। इस दौरान एयरपोर्ट से लोकभवन तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस रूट पर सभी गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन दिवसीय झारखंड दौरे के पहले दिन जमशेदपुर पहुंच रही हैं। वह रांची से सुबह 10.10 बजे सोनारी एयरपोर्ट पहुंचेंगी। यहां से वे करनडीह के दिशोम जाहेरथान जाएंगी।जाहेरथान में राष्ट्रपति पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना करेंगी।
इसके बाद वे ओल चिकी लिपि के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित समापन समारोह में शामिल होंगी। आदित्यपुर स्थित एनआईटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।जमशेदपुर के एक दिवसीय दौरे के पहले हिस्से में राष्ट्रपति 10.40 बजे जाहेरथान पहुंचेंगी। वहां 10.45 बजे देवी-देवताओं की पूजा करेंगी। इसके बाद 10.55 बजे मंच पर राष्ट्रपति पहुंचेंगी। 11.05 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों 12 विशिष्टजनों को सम्मानित किया जाएगा।
तय कार्यक्रम के अनुसार 11.15 बजे सांसद कालपदो सोरेन का भाषण होगा। इसके बाद 11.20 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भाषण होगा। 11.25 बजे राज्यपाल संतोष गंगवार का भाषण होगा। 11.25 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन होगा। इसके बाद 11.50 बजे वह सर्किट हाउस के लिए रवाना होंगी।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जमशेदपुर के एक दिवसीय दौरे के दूसरे हिस्से में एनआईटी के 15वें दीक्षांत में शामिल होंगी। यहां वह दोपहर 2.05 बजे से 3.10 बजे तक रहेंगी। इस दौरान मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगी। समारोह की सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है।
राष्ट्रपति द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को समाज व संस्कृति में योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी-लिट) और आरएसबी समूह के संस्थापक रबींद्र कुमार बेहरा को उद्योग वराष्ट्र निर्माण के लिए डॉक्टर ऑफ फिलॉस्फी (पीएचडी) की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। इस वर्ष कुल 612 स्टूडेंट्स अपनी सफलता का प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे।झारखंड के प्रख्यात आदिवासी नेता बाबा कार्तिक उरांव के बहाने भाजपा आदिवासियों को साधने में जुट गई है। पंखराज साहेब कार्तिक उरांव आदिवासी शक्ति स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय निर्माण समिति (झारखंड-छत्तीसगढ़-ओडिशा) ने गुमला के रायडीह में 30 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय जन सांस्कृतिक समागम समारोह कार्तिक जतरा का आयोजन किया है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। समिति के संयोजक व अध्यक्ष प्रदेश भाजपा के एसटी मोर्चा अध्यक्ष शिवशंकर उरांव ने कहा कि इस जतरा का उद्देश्य झारखंड-छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सांस्कृतिक पुनरुद्धार, सुदृढ़ीकरण और शैक्षिक उत्थान को बढ़ावा देना है।
कार्तिक उरांव का सपना था कि इस क्षेत्र में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बने। उन्होंने इसका नाम शक्ति निकेतन रखने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने 1981 में केंद्र सरकार के सामने यह मांग उठाई थी। उन्होंने इसे तीनों राज्यों की सीमा पर खोलने का प्रस्ताव रखा था। वे चाहते थे कि यहां ऐसा विश्वविद्यालय बने, जिसमें आदिवासी बच्चे पहली से पीजी तक की पढ़ाई कर सकें।




