भारत में रेलवे की तस्वीर बदलने की तैयारी, कई प्रमुख रेल प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी


Delhi: भारतीय रेलवे ने भीड़भाड़ खत्म करने, लाइनों की क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा को बेहतर बनाने और पूरे देश में तेज, ज्यादा भरोसेमंद यात्री और माल ढुलाई को मुमकिन बनाने के लिए कई रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। ये मंजूरियां दक्षिणी, उत्तरी और दक्षिण पूर्वी रेलवे के लिए हैं, जिनमें लाइन डबलिंग, तीसरी और चौथी लाइनें, बाईपास कॉरिडोर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम शामिल हैं।दक्षिण पूर्वी रेलवे के तहत बारबेंडा-दमरुघुतु लाइन के दोहरीकरण और दमरुघुतु-बोकारो स्टील सिटी के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने को मंजूरी दी गई है। यह इलाका कोयला, स्टील और सीमेंट उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। अभी यह रूट 108 प्रतिशत क्षमता पर चल रहा है और रोजाना 78 ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। बिना विस्तार के 2028-29 तक इसकी क्षमता 132 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।उत्तरी रेलवे में 34 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने को मंजूरी दी गई है। इनमें दिल्ली डिवीजन के 21 और अंबाला डिवीजन के 13 स्टेशन शामिल हैं। (Railway Projects Approved Today) इस पर कुल सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे सिग्नलिंग सिस्टम बेहतर होगा और ट्रेन संचालन ज्यादा सुरक्षित और तेज होगा।राजपुरा बाईपास लाइन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे मालगाड़ियों को भीड़भाड़ वाले राजपुरा यार्ड से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। इससे अंबाला-जालंधर रूट पर ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और माल ढुलाई में तेजी आएगी।केरल में एर्नाकुलम-तुरावुर-कयनकुलम रूट पर सिंगल लाइन की समस्या खत्म की जाएगी। इसके बाद रोजाना 9 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। पलक्कड़ बाईपास परियोजना से ट्रेनों को इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।तमिलनाडु में इरुगुर-पोडानूर लाइन के दोहरीकरण को भी मंजूरी मिली है। (Railway Projects Approved Today) इससे रोजाना 15 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चल सकेंगी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। रेलवे का कहना है कि इन सभी परियोजनाओं से यात्रा तेज होगी, माल ढुलाई मजबूत होगी और देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।




