पारुल सिंह को 2025 ग्लोबल रिकग्निशन अवॉर्ड, झारखंड में उत्कृष्ट नेतृत्व और जनता सेवा के लिए किया जाएगा सम्मानित


रांची:- झारखंड में आदित्यपुर नगर निगम की उप प्रशासक पारुल सिंह को उनकी ईमानदार सेवा, मजबूत नेतृत्व और लोगों के प्रति संवेदनशील काम के लिए 2025 ग्लोबल रिकग्निशन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें इसलिए दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने हर परिस्थिति में जनता की भलाई को सबसे ऊपर रखा और प्रशासन को सचमुच जनता के करीब लाने का काम किया।

कोविड-19 महामारी के कठिन समय में पारुल सिंह ने खुद मैदान में उतरकर जरूरतमंदों तक दवाइयाँ, मेडिकल किट और राशन पहुँचाया। उनके नेतृत्व में दूरदराज के गाँवों तक भी राहत पहुँची और हजारों गरीब परिवारों की जान बची।
पारुल सिंह ने झारखंड के सरायकेला, जमशेदपुर और आदित्यपुर क्षेत्रों में कई सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं में उन्होंने गरीब परिवारों को पक्के घर दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी ईमानदारी, जिम्मेदारी और करुणा के लिए उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिया जाएगा। ग्लोबल रिकग्निशन अवॉर्ड्स के प्रवक्ता एलेक्स स्टर्लिंग ने कहा, “पारुल सिंह ने दिखाया कि प्रशासन का असली मकसद जनता की सेवा करना है।” पारुल सिंह आज झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
ग्लोबल रिकग्निशन के मुताबिक “पारुल सिंह ने यह दिखाया है कि एक अधिकारी अगर साहस, संवेदना और ईमानदारी से काम करे तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।”
पारुल सिंह की खासियत यह है कि वे सिर्फ दफ्तर में बैठकर आदेश नहीं देतीं, बल्कि खुद मैदान में उतरकर देखती हैं कि काम सही तरीके से हो रहा है या नहीं। इस तरह उनकी मेहनत और नेतृत्व से जनता का विश्वास बढ़ा और सरकारी योजनाएँ सही लोगों तक पहुँच सकीं।
अपने लंबे प्रशासनिक करियर में, पारुल सिंह ने यह मिसाल कायम की है कि कठिन परिस्थितियों में भी अधिकारी अग्रिम पंक्ति में रहकर काम कर सकते हैं। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में उन्होंने खुद पानी में उतरकर फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकाला और राहत कार्यों का नेतृत्व किया।



