एक शाम सदाबहार गीतों के नाम के माध्यम से “परिमल” के कलाकारों ने राज्य के रजत जयंती वर्ष को किया सेलिब्रेट, 1970- 1990 दशक के गीतों पर झूमे संगीतप्रेमी


Saraikela : सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था “परिमल”
“एक शाम सदाबहार गीतों के नाम” के माध्यम से “परिमल” के कलाकारों ने 15 नवंबर की शाम को राज्य के रजत जयंती वर्ष को संगीतमय सेलिब्रेट किया. इस कार्यक्रम में कलाकारों ने 1970 से 1990 दशक के गीतों को प्रस्तुत किया जिसपर संगीतप्रेमी झूब झूमे. कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर अतिथियों ने किया. कार्यक्रम के अतिथियों में सरायकेला बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष और समाजसेवी अधिवक्ता ओम प्रकाश शामिल रहे. उन्होंने कहा कि संगीत दिलों को जोड़ने का काम करती है. संगीत जाति धर्म आदि के भेदभाव से ऊपर उठकर सुनी और सुनाई जाती है. उन्होंने बताया कि आज की शाम संस्था की ओर से प्रस्तुत यह कार्यक्रम बॉलीवुड के कलाकारों को भी समर्पित रहा. सदाबहार गीतों भरी शाम के माध्यम से परिमल के एमेच्योर कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गाने प्रस्तुत किए. संस्था की संरक्षिका महिला नेत्री शारदा देवी ने कहा कि परिमल समय समय पर बॉलीवुड के कलाकारों को संगीत संध्या के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करती रहती है. उन्होंने बताया कि संस्था में मनोज कुमार सिंह, सुबोध शरण, सुरेश धारी, दिवाकर झा, लक्ष्मण प्रसाद, मदन सिंह, श्याम बहादुर थापा, प्रवीर अड्डो आदि हमेशा से सक्रिय भूमिका निभाते हैं. उन्होंने बताया कि संस्था परिमल एमेच्योर कलाकारों को एक मंच देकर उनके अंदर छुपी कला को उभारने का मौका देती है. यह संस्था सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विधाओं के माध्यम से समाज के विसंगतियों को दूर करने का वर्षों से प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी. आज संगीत प्रस्तुत करने वाले कलाकारों में प्रवीर अड्डो, संजय स्वर्णकार, नीतू शर्मा, भाविका, श्याम थापा, स्मिता श्रीवास्तव, मंटू शर्मा, नीलाम्बर चौधरी, ब्रजेश सहाय, श्याम नारायण, आशीष सिंह, वरुण मंडल, शंटू दा, धीरज सिन्हा, सोनाली, शब्बीर, खिरोद सरदार, शैलेंद्र सिंह, सत्या आदि मुख्य रूप से शामिल रहे.




