“अब ‘अटल क्लिनिक’ नहीं, ‘मदर टेरेसा मोहल्ला क्लिनिक’ बनाएंगे झारखंड की सेहत – कैबिनेट ने बदला नाम, बदली सोच!”


रांची :- झारखंड सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और मोहल्ला स्तर पर इलाज की पहुंच को और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। झारखंड कैबिनेट की ताज़ा बैठक में ‘अटल क्लिनिक’ की जगह अब ‘मदर टेरेसा मोहल्ला क्लिनिक’ शुरू करने की स्वीकृति दे दी गई है। इस नई योजना के तहत राजधानी रांची सहित राज्य के शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार, जांच और परामर्श की सुविधा मोहल्ला स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि मदर टेरेसा सेवा, ममता और समर्पण की प्रतीक हैं, और उनके नाम पर चलने वाली यह स्वास्थ्य सेवा गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों तक बेहतर तरीके से पहुंचेगी। कैबिनेट बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि पहले जिस योजना को ‘अटल क्लिनिक’ के नाम से चलाने का प्रस्ताव था, उसे अब ‘मदर टेरेसा मोहल्ला क्लिनिक’ के रूप में लागू किया जाएगा। प्रत्येक क्लिनिक में एक डॉक्टर, एक नर्स, एक फार्मासिस्ट और आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन क्लिनिकों में मरीजों को मुफ्त इलाज, दवाइयां और जांच सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसे सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। विपक्ष ने इस बदलाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि ‘अटल’ नाम को हटाना राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाता है, जबकि सरकार का कहना है कि सेवा की भावना से जुड़ाव ही इस फैसले की मूल भावना है। राज्य के शहरी विकास एवं स्वास्थ्य विभाग अब जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे रांची में लागू करेगा और फिर राज्य के अन्य नगर निगमों में इसका विस्तार किया जाएगा। जनता इस नई पहल को किस रूप में स्वीकार करती है, यह देखने वाली बात होगी लेकिन फिलहाल इतना तय है कि अब झारखंड में मोहल्लों की सेवा ‘मदर टेरेसा’ के नाम पर होगी, न कि ‘अटल’ के नाम पर।




